Vastu Tips: क्या गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान छोड़ने चाहिए? जानें वास्तु नियम

Vastu Tips: अक्सर घर की महिलाएं आटा गूंथने के तुरंत बाद उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं, जिसको लेकर वास्तु शास्त्र में कड़े नियम दिए गए हैं. तो मां अन्नपूर्णा की कृपा और घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए जानते हैं गूंथे आटे से जुड़े अचूक वास्तु नियम और उपाय.

Advertisement
वास्तु टिप्स (Photo: ITG) वास्तु टिप्स (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:01 AM IST

Vastu Tips: हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर की सुख-समृद्धि का मुख्य केंद्र माना गया है. रसोई में बनने वाला भोजन न केवल हमारे शरीर को पोषण देता है, बल्कि घर की ऊर्जा और सदस्यों के भाग्य को भी प्रभावित करता है. अक्सर आपने देखा होगा कि घर की बुजुर्ग महिलाएं या गृहिणियां आटा गूंथने के तुरंत बाद उस पर अपनी उंगलियों से निशान बना देती हैं. पहली नजर में यह एक सामान्य सी आदत लगती है, लेकिन इसके पीछे गहरे धार्मिक, वास्तु और वैज्ञानिक कारण छिपे हुए हैं. शास्त्रों में गूंथे हुए आटे की आकृति का सीधा संबंध पितरों, घर की सकारात्मक ऊर्जा और देवी अन्नपूर्णा की कृपा से जोड़ा गया है.

Advertisement

आटा गूंथकर जब उसे गोल लोई या पिंड का रूप देकर बिना किसी निशान के ऐसे ही छोड़ दिया जाता है, तो उसे 'पिंड' माना जाता है. शास्त्रों में पिंड का संबंध पितरों (पूर्वजों) और तर्पण क्रिया से होता है. आइए जानते हैं इससे जुड़े मुख्य वास्तु और धार्मिक नियम.

मुख्य वास्तु कारण

पितृ दोष और नकारात्मकता से बचाव 

हिंदू धर्म में जब किसी व्यक्ति का निधन होता है, तब उनके श्राद्ध या तर्पण के समय गोल पिंड बनाए जाते हैं. यदि गूंथे हुए आटे को गोल और सपाट छोड़ दिया जाए, तो माना जाता है कि पितर या अन्य अदृश्य आत्माएं उसे अपना भोजन समझकर ग्रहण करने की ओर आकर्षित होती हैं.

उंगलियों के निशान का महत्व 
गूंथे हुए आटे पर उंगलियों के निशान दबा देने से वह 'पिंड' नहीं रहता. यह इस बात का प्रतीक बन जाता है कि यह आटा जीवित मनुष्यों के भोजन के लिए तैयार किया गया है.

Advertisement

अन्नपूर्णा देवी का आदर 
रसोई में भोजन की पवित्रता बनाए रखने और देवी अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त करने के लिए आटे को पिंड के रूप में रखने से बचा जाता है.

आटा गूंथने से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण वास्तु नियम

ताजा आटा ही इस्तेमाल करें- वास्तु और स्वास्थ्य दोनों के दृष्टिकोण से, आटा हमेशा तुरंत इस्तेमाल के लिए ही गूंथना चाहिए. बचा हुआ आटा फ्रिज में रखकर बाद में इस्तेमाल करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा (राहु-केतु का प्रभाव) बढ़ती है.

बासी आटे से बीमारियां और दरिद्रता- फ्रिज में रखा गूंथा हुआ आटा पिंड के समान हो जाता है. इससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर पड़ता है और पारिवारिक कलह बढ़ती है.

बचा हुआ पानी फेंकें नहीं- आटा गूंथने के बाद यदि बर्तन में थोड़ा पानी बच जाए, तो उसे किसी गमले या पौधे में डाल दें. उसे नाली में बहाना अन्न और जल का अनादर माना जाता है.

दिशा का ध्यान- रसोई घर में आटा गूंथते समय संभव हो तो पूर्व दिशा की ओर मुंह करके ही आटा गूंथें और रोटियां बनाएं. इससे घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है.

क्या बासी आटे की रोटी बनानी चाहिए?

राहु-केतु और शनि का नकारात्मक प्रभाव 
वास्तु शास्त्र के अनुसार, जब आटा गूंथकर लंबे समय या रातभर के लिए रख दिया जाता है, तो उसमें राहु-केतु और शनि का नकारात्मक प्रभाव बढ़ने लगता है. ऐसे आटे से बनी रोटी खाने से व्यक्ति के जीवन में मानसिक तनाव और तरक्की में रुकावटें आने लगती हैं.

Advertisement

मां अन्नपूर्णा का अनादर 
वास्तु शास्त्र के अनुसार, भोजन हमेशा ताजा और शुद्ध होना चाहिए. बासी आटे का उपयोग करने से मां अन्नपूर्णा अप्रसन्न होती हैं, जिससे घर में आर्थिक तंगी और दरिद्रता आ सकती है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »