Shardiya Navratri 2026: नवरात्र आने वाली है और इसे शारदीय नवरात्र कहा जाता है. लेकिन क्या आपके मन में भी इस बार नवरात्र की तारीख को लेकर कोई कंफ्यूजन है? नवरात्र कब से शुरू हो रही है? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? शारदीय नवरात्र इतनी महत्वपूर्ण क्यों मानी जाती है? और इस बार किस दिन किस देवी की पूजा की जाएगी? आज पंडित प्रवीण मिश्र से इन सभी सवालों के जवाब जानेंगे.
हर साल पितृ पक्ष की समाप्ति के बाद अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से शारदीय नवरात्र की शुरुआत होती है. नवरात्र के ये नौ दिन मां दुर्गा की उपासना और भक्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं. इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है. इसके बाद दसवें दिन विजयादशमी यानी दशहरे का पर्व मनाया जाता है.
इस बार कब से शुरू हो रही है शारदीय नवरात्र?
सबसे पहले तारीख को लेकर कंफ्यूजन दूर कर लेते हैं. इस बार शारदीय नवरात्र की शुरुआत 11 अक्टूबर 2026 से होगी.
दरअसल, अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी और 11 अक्टूबर की रात 9 बजकर 30 मिनट तक रहेगी. उदया तिथि के अनुसार नवरात्र का पहला दिन 11 अक्टूबर को माना जाएगा.
इसलिए आप तारीख नोट कर लीजिए, शारदीय नवरात्र 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी.
कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
अब बात करते हैं घट स्थापना यानी कलश स्थापना के शुभ मुहूर्त की.
11 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 32 मिनट से 10 बजकर 26 मिनट तक कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त रहेगा. इसी अवधि में आप घट स्थापना करके नवरात्र की पूजा शुरू कर सकते हैं.
अगर किसी कारण से इस समय कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं तो 11 अक्टूबर को दोपहर 12 बजकर 2 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक भी घट स्थापना की जा सकती है.
किस दिन होगी किस देवी की पूजा?
- 11 अक्टूबर को नवरात्र का पहला दिन होगा. इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी.
- 12 अक्टूबर को दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की आराधना होगी.
- 13 अक्टूबर को तीसरे दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी.
- 14 अक्टूबर को चौथे दिन मां कूष्मांडा की उपासना की जाएगी.
- 15 अक्टूबर को पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा होगी.
- 16 अक्टूबर को छठे दिन मां कात्यायनी की आराधना की जाएगी.
- 17 अक्टूबर को सातवें दिन मां कालरात्रि की पूजा होगी. इस बार सप्तमी तिथि दो दिन रहने के कारण 18 अक्टूबर को भी मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी.
- इसके बाद 19 अक्टूबर को अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां पड़ेंगी. इस दिन पहले मां महागौरी की पूजा होगी और इसके बाद मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाएगी.
- इस तरह 19 अक्टूबर को शारदीय नवरात्र का अंतिम दिन होगा और अगले दिन यानी 20 अक्टूबर 2026 को विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाएगा.
तो अगर आप भी इस बार नवरात्र में कलश स्थापना करने वाले हैं या नौ दिनों तक मां दुर्गा की पूजा करने की तैयारी कर रहे हैं, तो इन तारीखों और शुभ मुहूर्त को अभी से नोट कर लें.
प्रवीण मिश्र, ज्योतिषी