Raksha Bandhan 2026: आज पूरे दिन पंचक, सुबह का मुहूर्त निकला, दोपहर में कब बांधें राखी?

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर आज पूरे दिन पंचक रहेगा. सुबह का मुख्य शुभ मुहूर्त निकल चुका है. जानें पंचक के बीच दोपहर में कब भाई की कलाई पर राखी बांधना शुभ रहेगा .

Advertisement
रक्षाबंधन पर आज पूरे दिन पंचक रहेगा. रक्षाबंधन पर आज पूरे दिन पंचक रहेगा.

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:06 AM IST

Raksha Bandhan 2026:  रक्षाबंधन का त्योहार आज 28 अगस्त को मनाया जा रहा है. भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का यह पर्व इस बार पंचक और चंद्र ग्रहण के संयोग के बीच आया है.  ऐसे में राखी बांधने के शुभ समय को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं.  पंचांग के अनुसार आज सुबह का समय राखी बांधने के लिए सबसे शुभ था. 

Advertisement

आज कब तक बांधें राखी?

रक्षाबंधन पर राखी बांधने का मुख्य शुभ मुहूर्त अब निकल चुका है.  दिल्ली के पंचांग के अनुसार आज सुबह 5:57 बजे से 9:48 बजे तक राखी बांधने का शुभ समय था.  सुबह 9:48 बजे पूर्णिमा तिथि समाप्त हो चुकी है. हालांकि, इसके बाद राखी बांधने को लेकर अलग-अलग पंचांगों में अलग मत मिलते हैं, ऐसे में स्थानीय पंचांग के अनुसार समय देखना उचित रहेगा. 

आज पूरे दिन रहेगा पंचक

रक्षाबंधन के दिन पंचक भी रहेगा.  पंचांग के अनुसार पंचक 27 अगस्त से शुरू होकर 31 अगस्त तक रहेगा. हालांकि इसे राज पंचक बताया जा रहा है.  महत्वपूर्ण बात यह है कि पंचक में राखी बांधने पर सभी परंपराओं में रोक नहीं मानी जाती.  इसलिए केवल पंचक के कारण राखी बांधने की रस्म टालने की जरूरत नहीं है. 

Advertisement

राहुकाल में न बांधें राखी

आज सुबह का मुख्य राखी मुहूर्त निकल जाने के बाद राहुकाल का ध्यान रखना जरूरी होगा.  आज राहुकाल सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:22 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दौरान शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है. 

भद्रा का नहीं है साया

इस साल रक्षाबंधन के दिन भद्रा की बाधा नहीं है. भद्रा 27 अगस्त को ही समाप्त हो चुकी है. इसलिए आज सुबह राखी बांधने के शुभ समय में भद्रा का कोई अड़चन नहीं है.

रक्षाबंधन पर चंद्र ग्रहण भी

आज रक्षाबंधन के साथ साल का आखिरी चंद्र ग्रहण भी हो रहा है.  हालांकि भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा.  इसलिए भारत में ग्रहण की दृश्यता न होने के कारण सूतक को लेकर भी अलग-अलग मत हैं. कई पंचांग आधारित मतों के अनुसार भारत में ग्रहण दिखाई नहीं देने से यहां सूतक मान्य नहीं होगा.

राखी बांधने की विधि

राखी बांधने से पहले पूजा की थाली तैयार करें.समें रोली या कुमकुम, अक्षत, दीपक, मिठाई और राखी रखें. भाई को तिलक लगाकर अक्षत लगाएं, फिर उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधें.सके बाद आरती उतारकर मिठाई खिलाएं. भाई अपनी बहन को उपहार देकर उसकी सुख-समृद्धि और सुरक्षा की कामना करता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »