Pitra Paksha 2026: शाम को घर में न लगाएं झाड़ू, पितृपक्ष में महिलाएं ध्यान रखें ये 6 बातें

Pitra Paksha 2026: इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहने वाला है. पितृपक्ष में पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध और तर्पण किया जाता है. इस दौरान घर की महिलाओं को कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना चाहिए.

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पितृपक्ष में घर की महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. (Photo: ITG) पितृपक्ष में घर की महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 4:00 PM IST

Pitra Paksha 2026: इस साल पितृपक्ष 26 सितंबर से लेकर 10 अक्टूबर तक रहने वाले हैं. पितृपक्ष के दौरान पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है. ज्योतिषाचार्य श्रीपति त्रिपाठी के अनुसार, इस अवधि में घर की महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और परिवार के सदस्यों पर पितरों की कृपा बनी रहती है.

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1. दक्षिण दिशा में जलाएं दीपक
पितृपक्ष में महिलाओं को हर शाम घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर एक दीपक जलाने की सलाह दी गई है. मान्यता के अनुसार, फ्लैट में रहने वाले लोग घर की बालकनी में दक्षिण दिशा की ओर दीपक रख सकते हैं.

2. मासिक धर्म के दौरान न बनाएं श्राद्ध का भोजन
मान्यता के अनुसार, मासिक धर्म के दौरान महिलाओं को श्राद्ध और तर्पण का भोजन नहीं बनाना चाहिए. ऐसी स्थिति में घर की किसी दूसरी महिला से भोजन बनवाया जा सकता है. परिवार का पुरुष सदस्य भी भोजन तैयार कर सकता है.

3. शाम के वक्त न करें सफाई
पितृपक्ष के दौरान शाम के समय घर में झाड़ू लगाने या अन्य साफ-सफाई का काम करने से बचने की बात कही गई है. श्राद्ध से जुड़े कर्मों में शुद्धता और पवित्रता का विशेष ध्यान रखने की मान्यता है.

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4. भोजन का एक हिस्सा गाय को खिलाएं
पितृपक्ष में हर दिन भोजन बनाते समय उसका एक हिस्सा पहले ही अलग निकालने की बात कही गई है. इस भोजन को पितरों के नाम से गाय को खिलाने की परंपरा बताई गई है. यह प्रक्रिया पितृपक्ष की प्रत्येक तिथि पर करने की बात कही गई है.

5. श्राद्ध तिथि पर पितृ का प्रिय भोजन बनाएं
जिस दिन किसी पितृ की श्राद्ध या तर्पण की तिथि हो, उस दिन उनकी पसंद का भोजन बनाने और ग्रहण करने की मान्यता बताई गई है. इन सभी नियमों का उद्देश्य पितरों के प्रति श्रद्धा और सम्मान व्यक्त करना माना जाता है.

6. वाद-विवाद से दूर
श्राद्ध पक्ष के दौरान घर में शांति और आपसी तालमेल बनाए रखने पर जोर दिया जाता है. महिलाओं से परिवार में बेवजह वाद-विवाद से बचने और सभी के साथ सामंजस्य बनाए रखने की बात कही गई है.

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