Kamika Ekadashi 2026: कब है सावन की कामिका एकादशी? पंडित से जानें सही तिथि और पारण की डेट

Kamika Ekadashi 2026: सावन मास में आने वाली कामिका एकादशी का विशेष धार्मिक महत्व बताया गया है. मान्यता है कि इस पावन दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से जीवन के अनेक कष्ट दूर होते हैं तथा सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है. कामिका एकादशी का व्रत केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक उन्नति का भी माध्यम माना जाता है.

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कामिका एकादशी 2026 (Photo: ITG) कामिका एकादशी 2026 (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 6:00 AM IST

Kamika Ekadashi 2026: हमारे धर्म ग्रंथों में इस एकादशी का विशेष महत्व बताया गया है. यह व्रत पापों से मुक्ति दिलाने वाला और पुण्य बढ़ाने वाला माना गया है. महाभारत काल में युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से कामिका एकादशी के महत्व के बारे में पूछा था. तब भगवान कृष्ण ने बताया कि श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कामिका एकादशी कहा जाता है. इस दिन जो भक्त व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें यज्ञ के समान फल प्राप्त होता है. यह व्रत पवित्र तीर्थ में स्नान के बराबर फल देने वाला माना गया है और सभी पापों को नष्ट करने की शक्ति रखता है.

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यह एकादशी इतनी प्रभावशाली मानी गई है कि बड़े से बड़े पाप भी इसके व्रत से समाप्त हो जाते हैं. जो लोग इस व्रत को श्रद्धा से करते हैं, उन्हें विष्णु लोक की प्राप्ति होती है. इस दिन तुलसी का पूजन अवश्य करना चाहिए और भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना बहुत जरूरी है. रात के समय भगवान विष्णु के मंदिर में घी का दीपक जलाने का भी विशेष महत्व है. आइए पंडित प्रवीण मिश्र से जानते हैं कामिका एकादशी की सही तिथि. 

कामिका एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त (Kamika Ekadashi 2026 Tithi)

एकादशी तिथि की शुरुआत 8 अगस्त को दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से होगी और यह तिथि 9 अगस्त को सुबह 11 बजकर 03 मिनट पर समाप्त हो जाएगी. उदया तिथि के अनुसार, 9 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी मनाई जाएगी. इसी दिन आपको व्रत रखना है. व्रत का पारण अगले दिन 10 अगस्त 2026 को सुबह 5:50 बजे से 8:00 बजे के बीच किया जा सकता है.

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कामिका एकादशी 2026 पूजन विधि (Kamika Ekadashi Pujan Vidhi)

एकादशी के दिन सुबह सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और घर के मंदिर की सफाई करें. एक चौकी पर पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का चित्र या मूर्ति स्थापित करें. गंगाजल से स्नान कराएं, पुष्प अर्पित करें, तिलक लगाएं, अक्षत चढ़ाएं और आरती करें. इसके बाद तुलसी की माला से ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. यदि समय कम हो तो कम से कम 11 माला का जाप अवश्य करें.

भगवान विष्णु को फल का भोग लगाएं और उसमें तुलसी दल अवश्य रखें. बिना तुलसी के भोग भगवान स्वीकार नहीं करते, इसलिए इसका विशेष ध्यान रखें. एकादशी के दिन फलाहार करना उत्तम माना जाता है. शाम को भगवान विष्णु के मंदिर में दीपक जलाएं और उनके नाम का संकीर्तन करें. अगले दिन स्नान के बाद पुनः पूजा करें और फिर व्रत का पारण करें. इस विधि से व्रत करने से जीवन में सुख, धन और यश की वृद्धि होती है तथा पापों से मुक्ति मिलती है.

कामिका एकादशी पर करें ये काम (Kamika Ekadashi Upay)

अपने मन, कर्म और वचन को शुद्ध रखें. मन को शुद्ध रखने के लिए भगवान के नाम का लगातार स्मरण करें, जैसे हरे कृष्ण, हरे राम या श्रीराम. अपने कर्म अच्छे रखें, किसी को दुख न दें और किसी के साथ गलत व्यवहार न करें. वचन में मधुरता रखें, कटु भाषा और गाली-गलौज से बचें.

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यथाशक्ति दान अवश्य करें, जैसे फल आदि का दान. अपने बजट के अनुसार दान करना भी पुण्यदायी होता है. पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ व्रत करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. कलियुग में भी अनेक भक्तों को भगवान की कृपा प्राप्त हुई है, इसलिए हम सभी को इस पवित्र एकादशी का लाभ अवश्य उठाना चाहिए.

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