आज मां लक्ष्मी को समर्पित दीपावली का त्योहार मनाया जा रहा है. मान्यता है कि दीपावली की रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं और भक्तों को धन, सुख-शांति और समृद्धि का आशीर्वाद देती हैं. इसलिए लोग शुभ मुहूर्त में विधिवत मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की संयुक्त पूजा करते हैं. हालांकि आज दिवाली पर लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त बीत गया है. पंचांग के अनुसार, लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 5 बजकर 34 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 09 मिनट तक ही था. हालांकि व्यस्तता के चलते संभवत: बहुत सारे लोग अभी तक लक्ष्मी पूजन नहीं कर पाए होंगे. ऐसे लोगों को निराश होने की जरूरत नहीं है. आपके पास लक्ष्मी पूजा का एक आखिरी मौका भी है.
लक्ष्मी पूजा का आखिरी मुहूर्त क्या है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, दिवाली पर आज शाम 5 बजकर 31 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 27 मिनट तक शुभ-अमृत-चर चौघड़िया मुहूर्त रहने वाला है. इस अबूझ घड़ी में भी लक्ष्मी पूजा करना उत्तम माना जाता है. इस मुहूर्त में विधिवत लक्ष्मी पूजन कीजिए और सुख-समृद्धि, उन्नति की प्रार्थना करिए.
दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा विधि
दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए सबसे पहले घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को साफ करें. यहां एक लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल कपड़ा बिछाएं. इसके बाद गंगाजल से देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को शुद्ध करके चौकी पर स्थापित करें. पूजा की इस व्यवस्था में भगवान गणेश को बाईं ओर और मां लक्ष्मी को उनकी दाईं ओर विराजमान करें. इसके बाद उनके सामने घी या तेल का दीपक जलाएं.
अब पूरे श्रद्धा भाव से पूजा शुरू करें. सबसे पहले मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को कमल या गुलाब के फूल और इत्र अर्पित करें. इसके बाद लाल फूल, अक्षत, फल और मिठाई चढ़ाएं. मां लक्ष्मी को खील और बताशे का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है. पूजा के दौरान गणेश जी और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करें. इसके बाद दोनों की आरती उतारें और हाथ जोड़कर धन, सुख-शांति तथा समृद्धि की प्रार्थना करें.
लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद पूरे घर में दीपक जलाएं. घर के मुख्य द्वार, आंगन, नल के पास, उत्तर दिशा और अंधेरे स्थानों पर दीपक रखना न भूलें. धार्मिक मान्यता के अनुसार, दीपों की रोशनी से मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है. पूजा के दौरान जलाए गए मुख्य दीपक को पूरी रात जलाए रखने की परंपरा है. इसलिए उसमें पर्याप्त घी या तेल रखें और उसकी लौ पर ध्यान देते रहें.
मां लक्ष्मी के चमत्कारी मंत्र
महालक्ष्मी मंत्र: ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नमः॥
बीज मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं क्रीं क्लीं श्रीं महालक्ष्मी मम गृहे धनं पूरय पूरय चिंतायै दूरय दूरय स्वाहा॥
कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र: ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥
दिवाली के महाउपाय
1. अटका हुआ पैसा वापस मिलेगा वापस
दीपावली की रात मां लक्ष्मी के सामने एक गुलाब का फूल और कुछ सिक्के रखें. अगले दिन सुबह इन सिक्कों को किसी जरूरतमंद व्यक्ति को दान कर दें. वहीं, पूजा में चढ़ाए गए गुलाब के फूल को अपने धन रखने के स्थान पर रख लें. मान्यता है कि ऐसा करने से रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावनाएं बनती हैं.
2. नकारात्मक ऊर्जा से बचाव
दीपावली की रात शुद्ध सरसों के तेल का एक बड़ा दीपक जलाएं. इसके ऊपर दूसरा दीपक तिरछा करके रखें, ताकि उसकी सतह पर कालिख जमा हो सके. इसे रातभर जलने दें. सुबह जमा हुई कालिख को सावधानी से निकालकर सुरक्षित रख लें. मान्यता है कि इस काजल का नियमित इस्तेमाल करने से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है.
3. आमदनी में वृद्धि
दीपावली की शाम घर के मुख्य दरवाजे पर घी या सरसों के तेल का बड़ा दीपक जलाएं. इसके साथ ही दरवाजे पर सुंदर रंगोली बनाएं. मां लक्ष्मी के स्वागत के लिए मुख्य द्वार से घर के अंदर की ओर आते हुए उनके चरण चिह्न यानी पगलिया बनाएं. धार्मिक मान्यता है कि इससे घर में सुख-समृद्धि और धन-वैभव का आगमन होता है.
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