Dhanteras Kuber Potli: कुबेर पोटली क्या है? अमीरों के घर में धनतेरस पर जरूर रखते हैं ये एक चीज

आज धनतेरस है. धनतेरस की रात बहुत सारे घरों में लोग प्रतीकात्मक रूप से कुबेर की पोटली बनाते हैं. उसे घर की कुछ शुभ जगहों पर रखते हैं. मान्यता है कि कुबेर की इस पोटली को सही दिशा या स्थान में रखने से धनधान्य में वृद्धि होती है और घर में खुशियों का संचार बढ़ता है.

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कुबेर की पोटली धन के ठहराव यानी बचत का प्रतीक होती है. (Photo: ITG) कुबेर की पोटली धन के ठहराव यानी बचत का प्रतीक होती है. (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 06 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:24 PM IST

आज देशभर में धनतेरस का त्योहार मनाया जा रहा है. कहते हैं कि इस दिन कुबेर महाराज की पूजा से धनधान्य में कई गुना वृद्धि होती है. शास्त्रों में कुबेर को देवताओं के खजाने का संरक्षक बताया गया है. आपने चित्रों और मूर्तियों में देखा होगा कि कुबेर महाराज अपने पास हमेशा एक पोटली रखते हैं. इस पोटली के रहस्य के बारे में शायद ही आपने पहले कभी सुना होगा. ज्योतिष के जानकारों का कहना है कि कुबेर की यह पोटली धन के ठहराव यानी बचत का प्रतीक होती है. इस पोटली का संदेश यही है कि इंसान को फिजूलखर्ची से दूर रहकर अपनी आय के एक हिस्से हमेशा बचाकर रखना चाहिए. ताकि समय आने पर उसका सही इस्तेमाल किया जा सके.

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धनतेरस की रात बहुत सारे घरों में लोग प्रतीकात्मक रूप से कुबेर की पोटली बनाते हैं. उसे घर की कुछ शुभ जगहों पर रखते हैं. मान्यता है कि कुबेर की इस पोटली को सही दिशा या स्थान में रखने से धनधान्य में वृद्धि होती है और घर में खुशियों का संचार बढ़ता है. आइए जानते हैं कि कुबेर की यह पोटली कैसे बनती है और इसे कहां रखना चाहिए.

क्या होती है कुबेर की पोटली?
कुबेर पोटली एक छोटा सा थैला होता है, जिसमें हल्दी, अक्षत, सिक्का, कौड़ी और गोमती चक्र जैसी शुभ चीजें रखी जाती हैं. इन वस्तुओं को धन और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. पोटली में इन चीजों का डालने के बाद इसे पूजन स्थल पर रखा जाता और फिर विधिवत पूजा करने के बाद कुछ खास स्थानों पर रख दिया जाता है.

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कैसे बनाएं कुबेर पोटली?
एक लाल या पीले रंग का साफ कपड़ा लेकर उसका छोटा सा थैला बना लें. फिर इसमें 5 या 7 कौड़ियां, 1 से 3 गोमती चक्र, हल्दी की एक गांठ, थोड़े साबुत चावल यानी अक्षत, एक साफ सिक्का, थोड़ी मिश्री या गुड़, कुमकुम और मौली डालें. इसके बाद इसमें गांठ लगाकर पूजन स्थल पर रख दें. यह पोटली बनाते वक्त भगवान कुबेर का स्मरण करें या फिर 'ॐ श्रीं कुबेराय नमः' मंत्र का जाप भी कर सकते हैं.

कुबेर पोटली कहां रखनी चाहिए?
कुबेर पोटली की पूजा होने के बाद उसे घर की तिजोरी, अलमारी या धन के स्थान पर रख सकते हैं. वास्तु शास्त्र के अनुसार, उत्तर दिशा को भगवान कुबेर की दिशा माना जाता है. इसलिए कई लोग पोटली को उत्तर दिशा में बने धन रखने के स्थान पर रखते हैं. अगर व्यापारी, कारोबारी हैं तो अपने गल्ले या पैसों की दराज में भी इस पोटली को रख सकते हैं. मान्यता है कि इस दिव्य उपाय से धनधान्य में कई गुना वृद्धि होती है. ध्यान रहे कि इस पोटली को गंदगी वाली जगह कभी नहीं रखना चाहिए.

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