Bhai Dooj 2026: भाई दूज कब है, 10 या 11 नवंबर? दूर करें कंफ्यूजन, जानें सही तिथि और तिलक का शुभ मुहूर्त

Bhai Dooj 2026 Date: भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है. इस साल यह पर्व 11 नवंबर को मनाया जाएगा. जानें तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त, द्वितीया तिथि और इस दिन का धार्मिक महत्व.

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Bhai Dooj 2026 Date: कब मनाया जाएगा भाई दूज का त्योहार?  (Photo: ITG) Bhai Dooj 2026 Date: कब मनाया जाएगा भाई दूज का त्योहार? (Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:49 AM IST

Bhai Dooj 2026: भाई दूज का त्योहार भाई-बहन के प्यार और अटूट रिश्ते का प्रतीक है. दिवाली के बाद मनाए जाने वाले इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाल जीवन की कामना करती हैं. इस दिन वे भाई को तिलक लगाकर पूजा करती हैं. वहीं, भाई अपनी बहनों को उपहार देते हैं और हमेशा उनकी रक्षा करने का वादा करते हैं. हिंदू धर्म में भाई दूज का खास महत्व है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन बहन के हाथों तिलक करवाने से भाई को यमराज का आशीर्वाद मिलता है. आइए जानते हैं कि साल 2026 में भाई दूज कब मनाई जाएगी और तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा.

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भाई दूज 2026 तिथि (Bhai Dooj 2026 Date)

भाई दूज का पर्व कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर मनाया जाता है. ट्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार द्वितीया तिथि 10 नवंबर को दोपहर 2 बजे से शुरू होगी, जिसका समापन अगले दिन यानी 11 नवंबर को दोपहर 3 बजकर 53 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, इस साल भाई दूज का त्योहार 11 नवंबर 2026, बुधवार को मनाया जाएगा.

भाई दूज 2026 तिलक का शुभ मुहूर्त (Bhai Dooj 2026 Tilak Shubh Muhurat)

भाई दूज के दिन भाई को तिलक लगाने के लिए दोपहर का समय शुभ माना जाता है. पंचांग के अनुसार, 11 नवंबर को तिलक करने का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 10 मिनट से लेकर 3 बजकर 20 मिनट तक रहेगा. 

भाई दूज का धार्मिक महत्व   (Bhai Dooj 2026 Significance)

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हिंदू धर्म में भाई दूज का पर्व भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनकी लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. वहीं भाई अपनी बहनों को उपहार देकर उनकी रक्षा और हर परिस्थिति में साथ निभाने का वचन देते हैं.

भाई दूज की पौराणिक कथा  (Bhai Dooj 2026 Katha)

भाई दूज को यम द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार मृत्यु के देवता यमराज अपनी बहन यमुना से मिलने उनके घर पहुंचे थे. भाई को अपने घर आया देखकर यमुना बेहद प्रसन्न हुईं. उन्होंने पूरे आदर-सत्कार के साथ यमराज का स्वागत किया और उनके माथे पर तिलक लगाकर भोजन कराया. 

बहन के इस स्नेह और आतिथ्य से प्रसन्न होकर यमराज ने यमुना को वरदान मांगने के लिए कहा. तब यमुना ने कामना की कि हर साल इस दिन भाई अपनी बहन के घर जाएं और उनसे आदर-सत्कार प्राप्त करें. इस पर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि जो भाई इस दिन अपनी बहन के घर जाकर तिलक करवाएगा, उसे अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति मिलेगी और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होगा.

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