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रूस, इटली से यूक्रेन, जर्मनी तक! विदेशी श्रद्धालुओं ने गया में किया पितरों का पिंडदान

पंकज कुमार
  • गया,
  • 03 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST
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मोक्ष की पावन भूमि गया में पितृपक्ष मेला चल रहा है. 15 दिनों तक चलने वाले इस मेले में देश के साथ-साथ विदेशों से भी श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. विदेश से पहुंचे श्रद्धालु अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना के लिए यहां पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं. इन श्रद्धालुओं में रूस, यूक्रेन, इटली और जर्मनी समेत कई देशों के लोग शामिल हैं. सभी ने अपने पूर्वजों के लिए पूरे विधि-विधान से पिंडदान और तर्पण किया.

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पितृपक्ष मेले के दौरान विष्णुपद मंदिर क्षेत्र में स्थित देवघाट पर कई विदेशी श्रद्धालु पहुंचे. फल्गु नदी के तट पर उन्होंने सनातन परंपरा के अनुसार, पिंडदान और तर्पण किया. विदेशी श्रद्धालुओं के लिए पिंडदान वाले स्थान पर जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा के इंतजाम भी किए गए हैं.

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यूक्रेन से आईं विदेशी महिला एलिस जंडरा ने बताया कि वह सनातन धर्म से प्रभावित हैं. अपने पितरों के मोक्ष की कामना को लेकर वह गयाजी आई हैं. एलिस ने बताया कि उनके साथ कई अन्य देशों के श्रद्धालु भी आए हैं. सभी यहां पिंडदान और तर्पण कर रहे हैं.

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विदेशी श्रद्धालुओं को पिंडदान कराने वाले पुरोहित लोकनाथ गौड़ ने बताया कि पितृपक्ष मेले के दौरान कई देशों से महिला श्रद्धालु गयाजी पहुंची हैं. इनमें इटली, जर्मनी समेत कई देशों के लोग शामिल हैं. उन्होंने बताया कि इन श्रद्धालुओं ने विदेश में सनातन धर्म को अपनाया है.

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जानकारी के मुताबिक, सभी श्रद्धालु पहले ईसाई धर्म को मानती थीं. लेकिन जब उन्हें सनातन धर्म की अच्छाइयों के बारे में पता चला तो उन्होंने इसे अपनाने का फैसला कर लिया.

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लोकनाथ गौड़ के अनुसार, जब इन श्रद्धालुओं ने उनसे पूछा कि सनातन धर्म के पहले चरण में क्या करना चाहिए. तब हमने इन लोगों को बताया कि सनातन परंपरा में पितरों का श्राद्ध करके ही आपका उद्धार हो सकता है.  इसके बाद ये विदेशी श्रद्धालु अपने पूर्वजों के लिए पिंडदान करने गयाजी पहुंचे.

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