Ranthambore News: राजस्थान के सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व में 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होने जा रहा है. मानसून के दौरान तीन महीने तक बंद रहने के बाद एक बार फिर यहां पर्यटकों की चहल-पहल देखने को मिलेगी. वन विभाग ने सफारी के रास्तों को दुरुस्त करने से लेकर नेचर गाइडों के प्रशिक्षण और पर्यटकों की सुविधाओं तक की तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस बार सफारी के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले गाइड और ड्राइवरों पर भी सख्ती बरती जाएगी. वहीं, पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए दो नए सफारी जोन शुरू करने की अनुमति मांगी गई है.
रणथंभौर में नए पर्यटन सीजन की तैयारियां पूरी
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में मानसून सत्र के दौरान मुख्य जोन 1 से 5 तक पर्यटन गतिविधियां तीन महीने के लिए बंद रहती हैं. अब 1 अक्टूबर से नया पर्यटन सत्र शुरू होने के साथ ही इन जोन में सफारी गतिविधियां फिर से शुरू होंगी. इसके लिए वन प्रशासन ने तैयारियां पूरी कर ली हैं.
मानसून के दौरान बारिश से खराब हुए पर्यटन मार्गों की मरम्मत करा दी गई है. साथ ही नेचर गाइडों को नए सिरे से प्रशिक्षण दिया गया है, ताकि पर्यटकों को सफारी के दौरान बेहतर अनुभव मिल सके और वन्यजीवों की सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित हो.
रणथंभौर में कुल 280 गाइड हैं. इनमें 157 ए श्रेणी और 123 बी श्रेणी के गाइड शामिल हैं. वन अधिकारियों ने सभी गाइडों का इंटरव्यू भी लिया है. इस दौरान उनकी कार्यकुशलता, वन्यजीवों की जानकारी, पर्यटकों की सुरक्षा और गाइडिंग से जुड़ी दक्षता को परखा गया.
नेचर गाइड एसोसिएशन रणथंभौर के अध्यक्ष यादवेंद्र सिंह के मुताबिक, नए पर्यटन सत्र को लेकर गाइडों और वन विभाग में उत्साह है. उन्होंने पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रणथंभौर में दो-तीन नए जोन शुरू करने की मांग भी उठाई है, ताकि अधिक से अधिक पर्यटकों को सफारी का अवसर मिल सके. देखें एक VIDEO:-
गणेश धाम पर विकसित हो रहा इंटरप्रिटेशन सेंटर
नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रणथंभौर के गणेश धाम प्रवेश द्वार पर इंटरप्रिटेशन सेंटर विकसित किया जा रहा है. इसमें पर्यटकों के लिए कॉमन बोर्डिंग प्लेस, वेटिंग एरिया और पार्किंग जैसी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं.
इसके अलावा यहां एक कन्वेंशन सेंटर भी बनाया जाएगा. इसमें मीटिंग हॉल, फिल्म प्रोजेक्शन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है. इसका उद्देश्य पर्यटकों के लिए प्रवेश और सफारी से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है.
रणथंभौर के सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह के अनुसार, नए पर्यटन सत्र के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. वन विभाग का जोर पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ वन्यजीव संरक्षण से जुड़े नियमों का पालन सुनिश्चित करने पर रहेगा.
नियम तोड़ने वाले गाइड और ड्राइवरों पर होगी सख्ती
नए पर्यटन सत्र में रणथंभौर वन प्रशासन नियमों की अनदेखी करने वाले गाइड और ड्राइवरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा. वर्तमान में नियमों का उल्लंघन करने वाले ड्राइवरों को कुछ समय के लिए पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया जाता है.
सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह ने बताया कि यदि प्रतिबंध के बावजूद संबंधित ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार नहीं होता है, तो उन्हें भविष्य में स्थायी रूप से पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित करने की कार्रवाई भी की जा सकती है.
वन विभाग का फोकस सफारी के दौरान पर्यटकों की सुरक्षा, वन्यजीवों को परेशान करने वाली गतिविधियों पर रोक और निर्धारित नियमों का प्रभावी ढंग से पालन कराने पर रहेगा.
रणथंभौर सफारी का किराया कितना है?
रणथंभौर में नए पर्यटन सत्र के दौरान जिप्सी और कैंटर से सफारी कराई जाएगी. उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दोनों वाहनों की पूरी बुकिंग के लिए निर्धारित किराया अलग-अलग है.
पर्यटक अपनी सुविधा और उपलब्धता के अनुसार जिप्सी या कैंटर सफारी का विकल्प चुन सकते हैं. कैंटर से सफारी करने वाले पर्यटकों को इस बार सीट नंबर आवंटित किए जाएंगे, ताकि उन्हें सफारी के दौरान बैठने की व्यवस्था को लेकर परेशानी न हो.
| सफारी वाहन | पूरे वाहन का किराया | प्रति पर्यटक प्रति सीट |
| जिप्सी | 9,000 रुपये | 1,600 रुपये |
| कैंटर | ₹18,000 रुपये | 900 रुपये |
एक दिन में 280 वाहन जाएंगे सफारी पर
रणथंभौर में फिलहाल 10 पर्यटन जोन हैं, जहां सफारी गतिविधियां संचालित होती हैं. वन विभाग के अनुसार, एक पारी में 140 पर्यटक वाहन सफारी पर जाएंगे. दिन में दो पारियों के हिसाब से कुल 280 वाहन सफारी पर जा सकेंगे.
पर्यटकों की भारी मांग के चलते सीजन के दौरान कई लोगों को सफारी का मौका नहीं मिल पाता. इसी को देखते हुए वन प्रशासन ने दो नए जोन शुरू करने के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) और उच्च अधिकारियों से अनुमति मांगी है.
सीसीएफ शारदा प्रताप सिंह के मुताबिक, फिलहाल नए जोन शुरू करने की अनुमति नहीं मिली है. यदि मंजूरी मिलती है, तो नए जोन बनने से सफारी वाहनों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी और अधिक पर्यटकों को सफारी का अवसर मिल सकेगा.
टाइगर सफारी के लिए पर्यटकों में उत्साह
रणथंभौर देश के प्रमुख बाघ अभयारण्यों में शामिल है. यहां बाघों के अलावा अन्य वन्यजीवों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं. मानसून के तीन महीने के अंतराल के बाद 1 अक्टूबर से पर्यटन गतिविधियां फिर शुरू होने जा रही हैं.
वन विभाग ने रास्तों की मरम्मत, गाइडों के प्रशिक्षण, प्रवेश व्यवस्था और नियमों के पालन को लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं. अब नए पर्यटन सत्र में पर्यटकों को बेहतर सफारी अनुभव उपलब्ध कराने और वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान रहेगा.
सुशील कुमार जोशी