'मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं', अलवर की रैली में बोले राहुल गांधी

राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे होने पर अलवर में एक रैली को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने भाजपा के नेताओं पर नफरत फैलाने का आरोप लगाया. राहुल ने इस यात्रा पर चलने का कारण बताते हुए कहा, मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं.

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'मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं', अलवर की रैली में बोले राहुल गांधी 'मैं नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूं', अलवर की रैली में बोले राहुल गांधी

जयकिशन शर्मा

  • अलवर,
  • 19 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 6:32 PM IST

कांग्रेस नेता राहुल गांधी इन दिनों भारत जोड़ो यात्रा को लेकर राजस्थान में है. राजस्थान के अलवर में राहुल ने जनसभा को संबोधित किया. यहां राहुल ने कहा कि 100 से ज्यादा दिन बीत चुके हैं और हमने केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश और राजस्थान की यात्रा की है. सड़कों पर, मैं कई दोस्तों से मिला. आमतौर पर वे भाजपा के कार्यालय पर खड़े होते हैं और जब मैं उन्हें देखता हूं, तो मैं उन्हें माफ कर देता हूं. राहुल ने कहा कि मैंने उन्हें भी फ्लाइंग किस दी.

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राहुल गांधी ने अलवर में कहा कि मैं उन लोगों से नफरत नहीं करता. मेरी लड़ाई विचारधारा के खिलाफ है. कभी-कभी उनके नेता पूछते हैं कि राहुल गांधी क्यों चल रहे हैं? मैंने सोचा और जवाब मिला. राहुल ने सभी भाजपा कार्यकर्ताओं को जवाब दिया कि मैं नफरत के बाजार में मोह की दुकान खोल रहा हूं. आपका बाजार द्वेष का, मेरी दुकान प्रेम की. महात्मा गांधी और कई अन्य लोगों ने नफरत के खिलाफ लड़ाई लड़ी. मैं उन्हें भी प्यार फैलाने के लिए आमंत्रित करता हूं. हमारा देश नफरत नहीं जीने का देश है. 

'राजस्थान में बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधाएं'

राहुल ने पिछले 100 दिनों का अनुभव साझा करते हुए कहा कि चलते-चलते हम बहुत कुछ सीखते हैं. अलवर में राहुल ने राजस्थान सरकार की सराहना भी की. उन्होंने कहा कि पूरे देश में गरीबों के लिए सबसे अच्छी योजना राजस्थान में है. स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और दूसरे राज्यों में लोग कहते थे कि हमारे पास ऑपरेशन, स्टंट लगाने के लिए पैसा नहीं है. सौभाग्य से राजस्थान में ऐसा नहीं हो रहा है, क्योंकि चिरंजीवी योजना के कारण लोगों को मुफ्त इलाज मिल रहा है. यह योजना पूरे देश को रास्ता दिखा सकती है. भाजपा अंग्रेजी के खिलाफ बोलती है, वे अंग्रेजी में शिक्षा नहीं चाहते हैं. लेकिन आपको इन नेताओं से पूछना चाहिए कि आपके बच्चे किस भाषा के स्कूल में पढ़ रहे हैं. अमित शाह सहित भाजपा नेताओं के सभी बच्चे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पढ़ रहे हैं.

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राजस्थान में खुले 17 हजार अंग्रेजी मीडियम स्कूल

राहुल ने कहा कि वे नहीं चाहते हैं कि किसानों के बच्चे अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में न पढ़ें, क्योंकि वे नहीं चाहते कि आप बड़े सपने देखें. मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को हिंदी या तमिल का अध्ययन नहीं करना चाहिए. लेकिन अगर आप दुनिया से जुड़ना चाहते हैं, तो आपको अंग्रेजी का ज्ञान होना चाहिए. हम चाहते हैं कि भारतीय युवा अंग्रेजी पढ़ें और अमेरिकी बच्चों को चुनौती दें. इसलिए मुझे खुशी है कि राजस्थान में 17,000 अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खुले हैं. मैं चाहता हूं कि आप और अंग्रेजी माध्यम के स्कूल खोलें. मुझे यह भी अच्छा लगता है कि आपने महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन देना शुरू किया. पुरुषों के लिए ये छोटी चीजें होनी चाहिए लेकिन ऐसा नहीं है. गहलोत जी आपने शहरी मनरेगा की शुरुआत की. आपने विकास के लिए कई अच्छे काम किए हैं. 

अशोक गहलोत को दी ये सलाह

राहुल ने भारत जोड़ो यात्रा के बारे में कहा कि यात्रा में एक रस्सी होती है, जहां सभी वरिष्ठ नेता मौजूद होते हैं. रस्सियों के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ता होते हैं. गहलोत जी आपको इन रस्सियों को तोड़ने की जरूरत है. इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आम आदमी की आवाज सुनी जानी चाहिए. मैं आपको एक बात का सुझाव दे रहा हूं जो आपको पसंद हो या न हो.

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भारत जोड़ो यात्रा देश के लिए एक सोच और विजन है. मेरा आपको सुझाव है कि जैसे हम कन्याकुमारी से कश्मीर तक चलते हैं, वैसे ही राजस्थान की पूरी कैबिनेट को राज्य में चलनी चाहिए. मैं कह रहा हूं कि एक दिन फैसला कर लीजिए. आपके पास 30 मंत्री और 33 जिले हैं और 15 किलोमीटर चलते हैं. लोग हमारे पास आएं और कहें कि हमें फ्लोराइड की समस्या है और अगर कैबिनेट चलती है तो लोगों की समस्या का समाधान हो जाएगा. साथ ही मंत्रियों की सेहत भी दुरुस्त रहेगी.

राहुल ने सड़क पर सुनीं दो बातें

राहुल ने कहा, मुझे लगता है कि इससे कांग्रेस को फायदा होगा. लाखों लोगों ने हमारी मदद की है. हम रोज छह सात घंटे पैदल चलकर किसानों और मजदूरों की समस्या सुनते हैं. मैंने सड़क पर दो बातें सुनीं जो भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हैं. पहली बात यह कि आदिवासी बिल में आदिवासियों को जो मिला है उसे शत प्रतिशत लागू किया जाए. आदिवासी देश के असली मालिक हैं.
दूसरी बात, 21वीं सदी में हमें गिग वर्कर्स के बारे में सोचना चाहिए. सरकार को उनके बारे में भी सोचना चाहिए. सरकार को उनकी भी मदद के लिए कोई रास्ता निकालना चाहिए.

खड़गे ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

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राहुल के अलावा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी अलवर की सभा में जनता को संबोधित किया. खड़गे ने चीन के साथ सीमा विवाद के मुद्दे पर कहा, राहुल ने देश को बताया कि गलवान में क्या हुआ, ढोकलाम में क्या हुआ. लेकिन हर जगह मोदी सरकार अपनी पीठ थपथपाते रहती है. सरकारी कहती रहती है कि हमको कोई डरा नहीं सकता, हम इतने मजबूत हैं कि कोई हमारी तरफ देख नहीं सकता. लेकिन सरकार को समझना चाहिए कि बॉर्डर पर आपकी रोज समस्या बढ़ रही है.

सरहद पर हमारे 20 जवान शहीद हो गए और 18 बार मोदी जी और चीन के शी जिनपिंग मिले, झूले पर बैठे. आप लोग मिल रहे हैं, लेकिन अगर हम कहें चर्चा करो तो चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं. बाहर तो शेर की तरह से बात करते हैं लेकिन चलना चूहे जैसा है! खड़गे ने कहा कि राजनाथ सिंह ने 1 पन्ने का स्टेटमेंट दिया और चले गए. हम कह रहे हैं चर्चा करो, हमें भी बताओ, देश को भी बताओ कि क्या हो रहा है सरकार क्या कर रही है? खड़गे ने कहा कि हम सभी लोग देश की रक्षा के लिए एक होकर लड़ेंगे. लेकिन आप छुपा क्यों रहे हो. यही तो पूछ रहे हैं लेकिन वह लोग उत्तर देने के लिए तैयार नहीं हैं. चर्चा के लिए तैयार नहीं हैं, चर्चा से भाग रहे हैं.

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