'भेंट नहीं दी तो अनर्थ हो जाएगा...' बाबा बनकर डराते थे, फिर हिप्नोटाइज कर उड़ा देते थे नकदी-जेवरात

राजस्थान के कोटा में पुलिस ने ऐसे अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो बाबा बनकर लोगों को डराता था, अंधविश्वास के जाल में फंसाता था. यह गैंग पहले रुद्राक्ष देता था, फिर हिप्नोटाइज कर नकदी और गहने लेकर फरार हो जाता था. पुलिस ने इस गैंग के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कई अन्य वारदातों में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है.

Advertisement
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया अरेस्ट. (Photo: ITG) पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया अरेस्ट. (Photo: ITG)

चेतन गुर्जर

  • कोटा,
  • 29 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 12:44 PM IST

'तुम्हारे ऊपर संकट है..., ये रुद्राक्ष रख लो..., कुछ दान कर दो, नहीं तो अनर्थ हो जाएगा...' अगर कोई अजनबी सड़क पर आपको ऐसी बातें कहे, तो शायद आप आगे बढ़ जाएं. लेकिन कई लोग ऐसे भी होते हैं, जो आस्था और डर के बीच फैसला नहीं कर पाते. राजस्थान के कोटा में ऐसा ही एक गैंग सक्रिय था, जिसने डर और अंधविश्वास को ठगी का हथियार बना लिया.

Advertisement

कोटा पुलिस ने ऐसे गिरोह का खुलासा किया है, जो बाबा बनकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था. गिरोह के सदस्य पहले धार्मिक बातें करते, रुद्राक्ष देते और फिर किसी अनहोनी का डर दिखाकर सामने वाले को मानसिक रूप से अपने प्रभाव में ले लेते. इसके बाद कथित तौर पर हिप्नोटाइज कर उससे नकदी और गहने ऐंठ लेते.

मामले का खुलासा तब हुआ, जब रामपुरा कोतवाली थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पीड़ित ने बताया कि बाबा के वेश में आए दो लोगों ने उसे रुद्राक्ष दिया और कहा कि अगर उसने भेंट नहीं चढ़ाई तो उसके साथ अनर्थ हो जाएगा. भय और अंधविश्वास की बातों में उलझाने के बाद उससे 5,500 रुपये निकलवा लिए गए.

कुछ देर बाद आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ. उन्होंने पीड़ित से पूछताछ की तो पता चला कि उसने बाबा को पैसे दे दिए हैं. तभी उसे एहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार बन चुका है. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. शिकायत मिलते ही कोटा पुलिस ने कार्रवाई की और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में उनकी पहचान विट्ठलनाथ और गोविंद राणा के रूप में हुई, जो पंजाब के भटिंडा के रहने वाले हैं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: पहले ऑनलाइन नेटवर्क बनाया, फिर 'PASSIVE INCOME' के नाम पर बिजनौर के 3 हजार लोगों से ₹25 करोड़ की ठगी

एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से इसी तरीके से लोगों को निशाना बना रहे थे. उनका तरीका बेहद सुनियोजित था. पहले वे इलाके की रेकी करते, फिर ऐसे लोगों की तलाश करते जो आस्था या अंधविश्वास के कारण आसानी से उनके प्रभाव में आ सकते थे. पुलिस के अनुसार, महिलाएं भी उनके निशाने पर रहती थीं. इसके बाद वे कथित तौर पर हिप्नोटाइज कर नकदी और जेवरात लेकर फरार हो जाते थे.

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह कई जिलों में सक्रिय रहा है. पुलिस अब यह पता लगा रही है कि कोटा के दादाबाड़ी और अनंतपुरा थाना क्षेत्रों में हुई इसी तरह की ठगी की घटनाओं में भी इन दोनों आरोपियों का हाथ था या नहीं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अजनबी बाबा, तांत्रिक या साधु के बहकावे में न आएं. अगर कोई व्यक्ति डर दिखाकर, चमत्कार का दावा कर या अनहोनी का डर दिखाते हुए पैसे, गहने या कोई कीमती सामान मांगता है, तो सतर्क रहें और तुरंत पुलिस को सूचना दें.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »