नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे आसाराम को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है. अदालत ने खराब सेहत और आगे इलाज कराने के आधार पर उनकी पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज कर दी. अब उन्हें मंगलवार शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर करना होगा. इसके साथ ही आसाराम की 20 दिन की पैरोल मंगलवार को खत्म हो गई.
आसाराम ने स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देकर पैरोल बढ़ाने की मांग की थी. उनके वकील ने अदालत को बताया कि वह उज्जैन के एक अस्पताल में भर्ती हैं और उन्हें आगे भी इलाज की जरूरत है. लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने पैरोल की अवधि बढ़ाने या अंतरिम जमानत देने से इनकार कर दिया.
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान सरकार से कहा कि जेल में आसाराम की सेहत का ध्यान रखा जाए और उन्हें जरूरी इलाज उपलब्ध कराए. अदालत ने साफ कर दिया कि मेडिकल आधार पर मिली राहत को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा. ऐसे में अब आसाराम को जेल लौटना होगा.
बीमार पत्नी से मिलने का दिया हवाला
आसाराम की ओर से खराब स्वास्थ्य के साथ अपनी बीमार पत्नी से मिलने का हवाला भी दिया गया था. लेकिन इन आधारों पर भी उन्हें राहत नहीं मिली. पैरोल बढ़ाने की अर्जी खारिज करने के साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अपील पर निचली अदालत से डिजिटल और फिजिकल रिकॉर्ड भी तलब किए हैं.
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6 नवंबर को फिर होगी सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर 2026 को तय की है. अदालत अब निचली अदालत से मंगाए गए रिकॉर्ड के आधार पर आगे की सुनवाई करेगी. फिलहाल, पैरोल बढ़ाने की मांग खारिज होने के बाद आसाराम को जेल लौटना होगा.
2013 के मामले में काट रहे उम्रकैद
बता दें कि आसाराम साल 2013 के एक नाबालिग से रेप के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. मेडिकल आधार पर उन्हें 20 दिन की पैरोल दी गई थी. इसी अवधि को बढ़ाने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था.
अब इस मामले में तत्काल राहत की उनकी उम्मीद खत्म हो गई है. पैरोल पर बाहर रहने की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें जेल लौटने का आदेश दिया गया है, जबकि उनकी अपील पर सुनवाई नवंबर में जारी रहेगी.
संजय शर्मा