राजस्थान के अलवर जिले के रैणी क्षेत्र में स्कूल वाहन की कथित लापरवाही ने एक मासूम छात्र की जान ले ली. स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे एलकेजी के छात्र दीक्षित कुमार की ओवरलोड टेम्पो से गिरने के बाद मौत हो गई. इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश है. लोगों ने स्कूल प्रशासन, वाहन चालक और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है.
जानकारी के अनुसार रैणी कस्बे के बाजोली रोड स्थित पानी की टंकी के पास मंगलवार को यह हादसा हुआ. बाजोली गांव निवासी दीक्षित कुमार रैणी के एक निजी स्कूल में एलकेजी का छात्र था. स्कूल की छुट्टी के बाद वह अन्य बच्चों के साथ टेम्पो से घर लौट रहा था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वाहन में उसकी क्षमता से कहीं अधिक बच्चों को बैठाया गया था. इसी दौरान टेम्पो का संतुलन बिगड़ गया और दीक्षित नीचे सड़क पर गिर गया. इससे पहले कि चालक वाहन रोक पाता, टेम्पो का पहिया बच्चे के सिर के ऊपर से गुजर गया.
टेम्पो में सवार थे 17 से अधिक बच्चे
स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल बच्चे को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जयपुर रेफर किया गया. हालांकि इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हादसे के बाद क्षेत्र में शोक और गुस्से का माहौल है. ग्रामीणों का आरोप है कि इलाके के कई निजी स्कूल नियमों की अनदेखी करते हुए अवैध रूप से टेम्पो और जीपों से बच्चों का परिवहन करा रहे हैं.
आलम यह है कि वाहनों में क्षमता से कई गुना अधिक बच्चों को बैठाया जाता है, लेकिन प्रशासन कार्रवाई नहीं करता. लोगों का कहना है कि हादसे वाले टेम्पो में करीब 17 बच्चे सवार थे, जबकि कुछ बच्चों को उनके परिजन बाद में बाइक से घर ले गए. उधर, आरटीओ ने वाहन का निरीक्षण कर चालक के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है. साथ ही प्रशासन से ऐसे ओवरलोड स्कूल वाहनों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की मांग की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
हिमांशु शर्मा