5 साल की मासूम से दरिंदगी, ओला कैब ड्राइवर निकला आरोपी, 220 CCTV खंगालने के बाद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तारी

अलवर में 5 साल की मासूम से दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के अंदर बड़ी कामयाबी हासिल की. 220 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद मुख्य आरोपी राहुल मीणा को जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया. आरोपी ओला कैब चालक है और वारदात के बाद उदयपुर भागने की फिराक में था.

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रेप के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार. (Photo- Representational) रेप के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार. (Photo- Representational)

हिमांशु शर्मा

  • अलवर ,
  • 26 जून 2026,
  • अपडेटेड 10:55 PM IST

राजस्थान के अलवर में पांच साल की मासूम बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. जांच में सामने आया कि आरोपी ओला कैब चालक है और वारदात के बाद उदयपुर भागने की फिराक में था. पुलिस ने करीब 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने, तकनीकी विश्लेषण और मुखबिरों की सूचना के आधार पर उसे जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन से दबोच लिया. पुलिस ने आरोपी को शरण देने वाले उसके साथी को भी गिरफ्तार किया है. जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल चोरी की थी.

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अलवर पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि 24 जून 2026 को टहला थाना क्षेत्र में पांच साल की बच्ची के अपहरण और दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था. मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. दीपक कुमार और डॉ. प्रियंका के निर्देशन में विशेष जांच टीम बनाई गई. डीएसटी, तकनीकी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों को लगातार कार्रवाई के लिए लगाया गया.

मासूम बच्ची के साथ कैब ड्राइवर ने की हैवानियत 

पुलिस ने बिना रुके लगातार जांच करते हुए 220 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली. तकनीकी विश्लेषण और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपी की पहचान दौसा जिले के बसवा थाना क्षेत्र के करनावर निवासी 27 वर्षीय राहुल कुमार मीणा के रूप में हुई. इसके बाद पुलिस ने उसे जयपुर के गांधीनगर रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के दौरान आरोपी भागने की कोशिश में गिर पड़ा, जिससे उसके दोनों पैरों में चोटें आईं.

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पुलिस जांच में सामने आया कि घटना वाले दिन आरोपी पहले नारायणी माता धाम में दर्शन करने गया था. वहां से लौटने के बाद उसने शराब पी और फिर गांव पहुंचा. गांव में उसने बच्ची को अकेला देखा और उसका अपहरण कर लिया. पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी इस इलाके में कई बार आ चुका था और उसे गांव के रास्तों की पूरी जानकारी थी. उसके गांव की कुछ रिश्तेदारियां भी इसी क्षेत्र में हैं.

जांच के दौरान पीड़िता के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों से पुलिस को अहम सुराग मिले. इन्हीं फुटेज के आधार पर आरोपी की तस्वीर सामने आई और जांच आगे बढ़ी. पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले की जानकारी ओला कंपनी को भी दी जाएगी और आवश्यक कार्रवाई के लिए उन्हें पत्र लिखा जाएगा, क्योंकि मामला बेहद संवेदनशील है. पुलिस ने मुख्य आरोपी को शरण देने के आरोप में उसके दोस्त रिंकू मीणा को भी गिरफ्तार किया है. पूछताछ में सामने आया कि वारदात के बाद राहुल अलवर से भागकर रिंकू के घर पर रुका था. दोनों जयपुर में ओला कैब चलाने का काम करते हैं.

पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि वारदात में जिस मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया गया था, वह चोरी की थी. अब पुलिस बाइक चोरी के मामले की भी अलग से जांच कर रही है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार राहुल मीणा के खिलाफ पहले से पॉक्सो एक्ट, चोरी और एनडीपीएस एक्ट सहित कुल चार आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं उसके सहयोगी रिंकू मीणा के खिलाफ भी चोरी के चार मामले दर्ज हैं. पुलिस दोनों आरोपियों का अन्य जिलों से भी आपराधिक रिकॉर्ड मंगवा रही है.

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पुलिस ने आरोपी को 24 घंटे के अंदर अरेस्ट किया

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद घटनास्थल पर ले जाकर मौका तस्दीक भी कराई गई है. इस मामले को केस ऑफिसर स्कीम में शामिल किया जाएगा ताकि फास्ट ट्रैक कोर्ट में जल्द सुनवाई हो सके और आरोपी को जल्द से जल्द सजा दिलाई जा सके. उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले में स्थानीय ग्रामीणों और युवाओं ने भी पुलिस का पूरा सहयोग किया. करीब 40 से 50 लोगों से पूछताछ कर आरोपी की पहचान की पुष्टि की गई. पुलिस के अनुसार बच्ची की तबीयत अब ठीक है. प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी और वह अपने घर पर है.

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