1990 के दशक में उत्तर प्रदेश की राजनीति एक ऐतिहासिक और उथल-पुथल भरे दौर से गुजर रही थी. बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद राज्य की सियासत में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले. इस दौर में कल्याण सिंह की सरकार गिरी और राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया. वहीं दूसरी ओर पिछड़ों और दलितों को एकजुट करने के लिए मुलायम सिंह यादव और कांशीराम ने हाथ मिलाया. 4 अक्टूबर 1992 को समाजवादी पार्टी का गठन हुआ और इसके बाद बहुजन समाज पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा गया. इस गठबंधन ने यूपी में सत्ता की चाबी हासिल की और मुलायम सिंह यादव दूसरी बार मुख्यमंत्री बने. इसके अलावा जगदंबिका पाल का एक दिन का मुख्यमंत्री बनना और फिर कोर्ट के फैसले से सरकार का हटना भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में दर्ज हो गया. इस पूरे सियासी घटनाक्रम ने यूपी की राजनीति को हमेशा के लिए बदलकर रख दिया. देखें ये स्पेशल शो.