कॉकरोच जनता पार्टी के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को हफ्ते भर की प्रिवेंटिव डिटेंशन के बाद 9 शर्तों पर रिहाई मिली है. गुरुवार को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने उन्हें पूछताछ के लिए पेश होने का समन दिया. हालांकि समन पाने वाले सीजेपी नेता पूछताछ के लिए हाजिर नहीं हुए. सीजेपी की ओर से 7 दिन की हिरासत को अब कानून का दुरुपयोग बताया जा रहा है. बड़ा सवाल यही है कि क्या तिरंगा फहराने के मामले में सीजेपी के कार्यकर्ताओं को कानूनी कार्रवाई के जाल में फंसाया जा रहा है.? देखें दंगल