ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड: 25 साल बाद भी आरोपी दारा सिंह को नहीं मिलेगी रिहाई, ओडिशा सरकार ने खारिज की अर्जी

ओडिशा सरकार ने 1999 के बहुचर्चित ग्राहम स्टेन्स और उनके दो मासूम बेटों की हत्या के दोषी दारा सिंह की समय पूर्व रिहाई की अर्जी खारिज कर दी है. स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका के चलते यह फैसला लिया.

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1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों, फिलिप और टिमोथी की हत्या के मामले में दारा सिंह को उम्रकैद की सजा मिली है. (Photo-ITG) 1999 में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो बेटों, फिलिप और टिमोथी की हत्या के मामले में दारा सिंह को उम्रकैद की सजा मिली है. (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:46 AM IST

साल 1999 में ओडिशा के क्योंझर जिले में ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो मासूम बेटों को जिंदा जलाकर मारने वाले मुख्य दोषी रवींद्र पाल उर्फ दारा सिंह को फिलहाल जेल में ही रहना होगा. ओडिशा सरकार ने दारा सिंह की समय से पहले रिहाई की याचिका को खारिज कर दिया है.

जेल में करीब 25 साल बिता चुके दारा सिंह ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसके बाद शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को इस पर फैसला लेने का निर्देश दिया था. गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव हेमंत शर्मा की अध्यक्षता में हुई 'स्टेट सेंटेंस रिव्यू बोर्ड' (SSRB) की विशेष बैठक में दारा सिंह की रिहाई की अर्जी को नामंजूर कर दिया गया.

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बोर्ड ने स्पष्ट किया कि दारा सिंह को रिहा करने से क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव फैल सकता है और कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ सकती है. सरकार ने यह भी उल्लेख किया कि इससे पहले भी 2016, 2019, 2020, 2022 और 2023 में उसकी समय पूर्व रिहाई की अर्जियों को इन्हीं आधारों पर खारिज किया जा चुका है.

यह भी पढ़ें: ग्राहम स्टेन्स हत्याकांड: हत्यारे दारा सिंह की सजामाफी याचिका पर SC ने ओडिशा सरकार से मांगा जवाब

सरकारी अधिकारियों के अनुसार, क्योंझर जिला प्रशासन ने 28 अगस्त 2026 को एक रिपोर्ट भेजी थी. इसमें बताया गया कि 15 अगस्त को 'दारा सेना' से जुड़े 200 से 250 लोग क्योंझर जिला जेल के बाहर दारा सिंह की प्रस्तावित रिहाई को लेकर इकट्ठा हुए थे और इस दौरान उकसाने वाली नारेबाजी की गई थी. इस घटनाक्रम ने सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े कर दिए, जिसके बाद सेंटेंस रिव्यू बोर्ड ने रिहाई की सिफारिश करने से साफ इनकार कर दिया.

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1999 का वो खौफनाक हत्याकांड जिसने देश को हिला दिया
उत्तर प्रदेश का रहने वाला 67 वर्षीय दारा सिंह 22-23 जनवरी 1999 की दरमियानी रात क्योंझर के मनोहरपुर गांव में हुई दिल दहला देने वाली वारदात का मुख्य आरोपी है. उसने चर्च के बाहर स्टेशन वैगन गाड़ी में सो रहे 58 वर्षीय ऑस्ट्रेलियाई मिशनरी ग्राहम स्टेन्स और उनके दो मासूम बेटों-फिलिप और थिमोथी को गाड़ी समेत जिंदा जला दिया था.

2003 में सीबीआई अदालत ने दारा सिंह को फांसी की सजा सुनाई थी, जिसे 2005 में उड़ीसा हाईकोर्ट ने उम्रकैद में बदल दिया था. साल 2011 में सुप्रीम कोर्ट ने भी उसकी उम्रकैद की सजा को बरकरार रखा था. अब इस मामले की अगली सुनवाई 17 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में होनी है.

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