मध्य प्रदेश में काले हिरण और चिंकारा के शिकार और उनके मांस की तस्करी करने वाले गिरोह के मुख्य आरोपी सबाह अंतुले को सुप्रीम कोर्ट से तगड़ा झटका लगा है. देश की शीर्ष अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.आरोपी सबाह अंतुले 27 अक्टूबर 2025 से केंद्रीय जेल इंदौर में बंद है और अब उसे जेल में ही रहना होगा.
स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (STSF) इंदौर इकाई, स्थानीय पुलिस और वनमंडल इंदौर की संयुक्त टीम ने किशनगंज क्षेत्र में घेराबंदी कर इस अंतर्राज्यीय तस्कर गिरोह का पर्दाफाश किया था. कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से लगभग 65 किलो मांस, एक देशी पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही लग्जरी टोयोटा इनोवा क्रिस्टा गाड़ी जब्त की थी. मौके से मुख्य आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया था.
हाई कोर्ट के बाद SC में भी खारिज हुई याचिका
आरोपी सबाह अंतुले ने सबसे पहले इंदौर स्थित मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की खंडपीठ में जमानत याचिका दायर की थी. हाई कोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद उसने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान STSF की ओर से पेश किए गए वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों तथा दलीलों से सहमत होते हुए युगल पीठ ने जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया.
अब तक 6 तस्कर गिरफ्तार, जांच जारी
वनमंडल इंदौर की ओर से 3 दिसंबर 2024 को भारतीय वन अधिनियम, 1927 और वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था.
एसटीएसएफ इंदौर ने मामले की गहराई से जांच करते हुए इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया. इस मामले में अब तक कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और मामले में आगे की अग्रिम विवेचना जारी है.
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