महज 18 दिन में दरारें! केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया था 1.24 करोड़ की सरकारी बिल्डिंग का उद्घाटन, लीपापोती भी काम न आई

Shivpuri Sub Tehsil Building Cracks: शिवपुरी के बामोरकलां में 1.24 करोड़ की लागत से बनी उप-तहसील भवन में लोकार्पण के 18 दिन बाद आईं दरारें. केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने किया था उद्घाटन. पढ़ें पूरी रिपोर्ट...

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खनियाधाना में 31 अगस्त को हुआ था बामोरकलां उप-तहसील का उद्घाटन.(Photo:ITG) खनियाधाना में 31 अगस्त को हुआ था बामोरकलां उप-तहसील का उद्घाटन.(Photo:ITG)

मनोज भार्गव

  • शिवपुरी,
  • 18 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:59 PM IST

MP News: शिवपुरी के खनियाधाना में विकास और निर्माण कार्यों की पोल खोलने वाली एक है तस्वीर सामने आई है. जिस इमारत पर 1 करोड़ 24 लाख रुपया खर्च किया गया, वह उद्घाटन के महज 18 दिन के भीतर ही जर्जर हालत में पहुंच गई है. खनियाधाना से बामोरकलां में शिफ्ट होने वाली नवनिर्मित उप तहसील की इस बिल्डिंग में जगह-जगह गहरी दरारें उभर आई हैं, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है.

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बीती 31 अगस्त को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पिछोर विधानसभा क्षेत्र के विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने बड़े ही उत्साह के साथ बामोरकलां नई उप तहसील भवन का लोकार्पण किया था. इस भवन के निर्माण को लेकर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मंच से तारीफ की थी.

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि निर्माण कार्य में घोर लापरवाही और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया . ठेकेदार को इस बात का अंदेशा था कि पोल जल्द खुल जाएगी, इसलिए उसने आनन-फानन में दीवारों पर आई दरारों पर पुताई और लीपापोती करवा दी और जनप्रतिनिधियों से फीता कटवा दिया. अब स्थिति यह है कि लोकार्पण के ठीक 18 दिन बाद ही पुताई की परतें उखड़ने लगी हैं और बिल्डिंग के भीतर व बाहर चौड़ी दरारें साफ दिखाई दे रही हैं.

तहसीलदार बोले- अभी नहीं लिया गया है पजेशन

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इस पूरे मामले को लेकर जब खनियाधाना तहसीलदार निशिकांत जैन से बात की गई तो उनका कहना है कि पीयू के अधिकारी और ठेकेदार को बिल्डिंग में आई दरार और अन्य खामियों को लेकर अवगत करा दिया गया है. उनका कहना है कि उन्होंने अभी बिल्डिंग का पजेशन नहीं लिया गया है. 

किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश

खनियाधाना से बामोरकलां शिफ्ट होने वाली इस उप-तहसील भवन की बदहाली से स्थानीय ग्रामीणों और किसानों में गहरा रोष व्याप्त है. ग्रामीणों का कहना है कि सरकार के 1.24 करोड़ रुपये पानी में बहा दिए गए और अधिकारियों व ठेकेदार की सांठगांठ के कारण पहली ही बारिश और 18 दिनों में इमारत की नींव हिलने लगी है.

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