मध्य प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में तैनात वन विभाग के एक अधिकारी को वायरल वीडियो के बाद सस्पेंड कर दिया गया है. वीडियो में अधिकारी एक सांभर को पोहा खिलाते और उसे पालतू जानवर की तरह दुलारते नजर आ रहे थे. वीडियो सामने आने के बाद वन्यजीव संरक्षण कानूनों के उल्लंघन को लेकर सवाल उठे और अब विभाग ने उनके खिलाफ कार्रवाई कर दी है.
मामला सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के चूरना फॉरेस्ट रेंज का है. यहां पदस्थ प्रभारी सहायक संचालक (SDO) विनोद वर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ.
वीडियो में वह जंगल के भीतर बैठकर पोहा खाते दिखाई दे रहे हैं और अपने पास मौजूद एक सांभर को भी पोहा खिलाते हैं. इतना ही नहीं, वह सांभर को छूते और दुलारते भी नजर आते हैं. देखें VIDEO:-
जानकारी के मुताबिक, संबंधित सांभर का पहले रेस्क्यू किया गया था.हालांकि, वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी जंगली जानवर को इस तरह इंसानों का भोजन खिलाना और उससे अस्वाभाविक संपर्क बनाना वन्यजीव संरक्षण के सिद्धांतों के खिलाफ माना जाता है।
वीडियो वायरल होने के बाद उठा विवाद
वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए. कई वन्यजीव प्रेमियों और विशेषज्ञों ने इसे वन्यजीवों के प्राकृतिक व्यवहार में हस्तक्षेप बताया. वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी. उनका कहना था कि अधिकारी का व्यवहार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 और 38J की भावना के विपरीत है.
आदेश में क्या कहा गया?
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक राखी नंदा की ओर से जारी निलंबन आदेश में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में विनोद वर्मा वन्यजीव के साथ अस्वाभाविक व्यवहार करते दिखाई दे रहे हैं.
आदेश के मुताबिक, यह आचरण एक सरकारी अधिकारी के मूल कर्तव्यों के अनुरूप नहीं है. इससे गंभीर लापरवाही और असंवेदनशीलता दिखती होती है. विभाग ने इसे मध्य प्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना है.
इसी आधार पर मध्य प्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत विनोद वर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया.
सस्पेंड के दौरान ये होंगे नियम
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में विनोद वर्मा का मुख्यालय सहायक संचालक कार्यालय, पिपरिया रहेगा. क्षेत्र संचालक की पूर्व अनुमति के बिना वह मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे. उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा.
अब उठ रहे हैं ये सवाल
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कहा है कि सतपुड़ा टाइगर रिजर्व फील्ड डायरेक्टर को प्रशासनिक प्रबंधन में कसावट लानी चाहिए, जिससे स्टाफ वन और वन्य प्राणियों के संरक्षण के प्रति लापरवाह न हो.
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