मध्य प्रदेश के रीवा का संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. यहां करीब एक हफ्ते से भर्ती एक महिला की इलाज के दौरान मौत हो गई. महिला की मौत की जानकारी उस समय सामने आई, जब उसकी नाक से कीड़े निकलने की बात परिजनों ने देखी. मामले के बाद महिला के परिजनों ने अस्पताल में इलाज और देखरेख में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं. परिजनों का कहना है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बाद भी उसे बेहतर इलाज के लिए किसी दूसरे अस्पताल में ले जाने की अनुमति नहीं दी गई. मामले ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस घटना को लेकर ट्वीट किया है, जिसके बाद मामला और चर्चा में आ गया है.
जानकारी के मुताबिक, सतना निवासी अर्चना गुप्ता का 30 तारीख को स्कूटी से एक्सीडेंट हुआ था. हादसे के बाद उन्हें इलाज के लिए रीवा के संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था. परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में भर्ती कराए जाने के समय अर्चना की हालत सामान्य थी. उनका आरोप है कि करीब पांच दिन बाद अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने लगी. इसके बाद महिला की हालत लगातार गंभीर होती गई. परिजनों ने इलाज और देखरेख को लेकर सवाल उठाए. उनका आरोप है कि मरीज की ठीक से देखभाल नहीं की गई, जिसके चलते उसके शरीर में कीड़े पड़ने जैसी गंभीर स्थिति सामने आई.
मृतका के परिजनों ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का कहना है कि वे अर्चना को बेहतर इलाज के लिए किसी दूसरे अस्पताल में ले जाना चाहते थे. उनका दावा है कि डॉक्टरों ने मरीज को रेफर नहीं किया. मामला उस समय और गरमा गया जब परिजन मरीज की हालत का वीडियो बनाने के लिए आईसीयू में पहुंचे. आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टर ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया. घटना के बाद परिजन अस्पताल में हंगामा करने लगे और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. उनका आरोप है कि अगर समय रहते मरीज को बेहतर इलाज मिल जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी.
परिजनों की मांग पर दोबारा कराया गया पोस्टमार्टम
मामले के बाद परिजनों ने जांच और कार्रवाई की मांग की है. सीएमओ डॉक्टर अलग प्रकाश ने बताया कि परिजनों की मांग पर दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया है. अब इस पूरे मामले में परिजनों के आरोप और अस्पताल की ओर से दी गई सफाई आमने-सामने हैं. एक तरफ परिजन इलाज और देखरेख में गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीज की हालत बेहद गंभीर थी और उसका ब्रेन काम नहीं कर रहा था, लेकिन पल्स चल रही थी. महिला की मौत के बाद नाक से कीड़े निकलने के आरोप ने मामले को और गंभीर बना दिया है. परिजन जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
विजय कुमार विश्वकर्मा