कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में जहरीली शराब से हुई मौतों की निष्पक्ष जांच की मांग की और राज्य की बीजेपी सरकार से जवाबदेही तय करने को कहा. लोकसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि मध्य प्रदेश में जहरीली दवाओं, शराब और पानी की वजह से कई मौतें हुई हैं, लेकिन पिछले 20 सालों से बीजेपी की सरकार ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की है.
गांधी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, ''भारत की सबसे भ्रष्ट सरकार वाले राज्य मध्यप्रदेश में शासन नाम की कोई चीज बची ही नहीं.
जहरीली शराब ने प्रदेश के सागर में अनेक लोगों की जान लेकर उन सभी घरों में मातम पहुंचा दिया है. मगर पूरे मध्यप्रदेश को पता है आगे क्या होगा - कुछ गिरफ्तारियां होंगी, कुछ अधिकारी सस्पेंड होंगे, जांच के आदेश होंगे, क्योंकि ये पहली बार नहीं है.
कुछ ही वक्त पहले इंदौर में दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हुई. पिछले साल जहरीली cough syrup से जाने कितने छोटे बच्चों की जान चली गई.
दवा जहरीली. शराब जहरीली. पानी जहरीला. नए कानून बना दिए जाते हैं, लेकिन उन्हें किसी तहखाने में डाल दिया जाता है - अगले हादसे तक.
20 साल से ज्यादा समय से BJP की सरकार मध्यप्रदेश में है. हादसे की कोई रोकथाम नहीं, उसके बाद नाम की कार्रवाई - कहां है जवाबदेही? आखिर कब तक लोगों की जान की कीमत सिर्फ हादसे के बाद की कार्रवाई होगी?
निष्पक्ष जांच हो, इन मौतों की पूरी सच्चाई सामने आए और सिर्फ छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई नहीं - जिसकी भी लापरवाही या मिलीभगत सामने आए, उसकी जवाबदेही तय हो.''
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 15 हो गई है, क्योंकि इलाज के दौरान दो और पीड़ितों की मौत हो गई.
पुलिस ने कहा कि उन्होंने इस मामले में अब तक 30 में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और बाकी की तलाश जारी है.
इससे पहले, मध्य प्रदेश कांग्रेस इकाई ने कहा था कि बांदा (सागर जिला) में परिवार जहरीली शराब की वजह से बर्बाद हो गए हैं और न्याय के लिए गुहार लगा रहे हैं, लेकिन राज्य की मोहन यादव सरकार अपनी जिम्मेदारी से भाग रही है. मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी प्रभावित परिवारों में से कुछ से मुलाकात की.
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