MP में 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का आगाज, दौड़ेंगी 351 नई बसें... CM मोहन यादव और नितिन गडकरी दिखाएंगे हरी झंडी

MP CM Sugam Parivahan Sewa: मध्य प्रदेश में 25 सितंबर से शुरू हो रही है 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा'. सीएम मोहन यादव और नितिन गडकरी 351 बसों को दिखाएंगे हरी झंडी...

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साल 2031 तक 15000 बसें चलाने का लक्ष्य.(Photo:ITG) साल 2031 तक 15000 बसें चलाने का लक्ष्य.(Photo:ITG)

aajtak.in

  • भोपाल,
  • 24 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:42 PM IST

मध्य प्रदेश में शुक्रवार यानी 25 सितंबर से एक नए स्वर्णिम अध्याय की शुरुआत होने जा रही है. प्रदेश में लंबे अरसे के बाद सरकारी नियंत्रण और जन-निजी भागीदारी के तहत 'मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा' का शुभारंभ किया जा रहा है. भोपाल के गोविंदपुरा स्थित BHEL दशहरा मैदान में आयोजित भव्य राज्य-स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी संयुक्त रूप से 7 प्रमुख शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

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इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाना है. मध्य प्रदेश सरकार का लक्ष्य प्रदेश की कम से कम 75 प्रतिशत ग्राम पंचायतों को इस बस सेवा से सीधे जोड़ना है.

शुरुआती चरण में 7 शहरों से संचालित बसों का ब्योरा:-

इंदौर: कुल 145 बसें (50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी/शहर के भीतर)

भोपाल: कुल 106 बसें (23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी)

जबलपुर: कुल 67 बसें (14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी)

रीवा: 18 इंटरसिटी बसें

देवास: 10 इंटरसिटी बसें

कटनी: 3 इंटरसिटी बसें

भिंड: 2 इंटरसिटी बसें

2031 तक 15 हजार बसें चलाने का बड़ा विजन

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना के तहत राज्य में सार्वजनिक परिवहन का व्यापक विस्तार किया जाएगा.

पहली साल: 1500 बसों के संचालन का लक्ष्य रखा गया है.

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हर साल: 2500 से 3000 नई बसें बेड़े में जोड़ी जाएंगी.

दीर्घकालिक लक्ष्य: साल 2031 तक पूरे प्रदेश में 15 हजार बसों के संचालन का लक्ष्य तय किया गया है.

PPP मॉडल और नॉन-फेयर रेवेन्यू से बढ़ेगी आय

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को स्थायी और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के लिए पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को बढ़ावा दिया जा रहा है. पारदर्शी अनुबंध प्रणाली के तहत निजी बस ऑपरेटरों को विज्ञापन, कुरियर-कार्गो सेवाओं जैसे Non-Fare स्रोतों से अतिरिक्त कमाई का अवसर मिलेगा. निजी संचालकों को आधुनिक बस डिपो और टर्मिनलों के उपयोग की सुविधा दी जाएगी, जिससे यात्रियों का सफर आरामदायक हो सके.

हाई-टेक सुरक्षा और 'स्मार्ट' सुविधाएं

सुरक्षा और समयबद्धता को प्राथमिकता देते हुए इन बसों को अत्याधुनिक तकनीकों से लैस किया गया है.

जैसे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए हर बस में सीसीटीवी कैमरे और आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन लगाए गए हैं.

लाइव ट्रैकिंग और ITMS: व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (VLTD) के जरिए बसों की लाइव लोकेशन ट्रैक होगी. इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के जरिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग होगी.

कमांड-कंट्रोल सेंटर: 'मध्य प्रदेश यात्री परिवहन इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड' और उसकी 7 सहायक कंपनियों में केंद्रीयकृत कमांड-कंट्रोल सेंटर स्थापित किए गए हैं.

पैसेंजर इंफॉरमेशन सिस्टम: यात्रियों को बसों के आगमन और प्रस्थान की सटीक जानकारी देने के लिए डिस्प्ले बोर्ड व इनफॉरमेशन सिस्टम की सुविधा दी गई है.

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समीक्षा और अतिथियों की मौजूदगी

शुभारंभ समारोह की तैयारियों का जायजा लेने गुरुवार शाम मुख्यमंत्री मोहन यादव खुद BHEL दशहरा मैदान पहुंचे थे, जहां परिवहन सचिव व जनसंपर्क आयुक्त मनीष सिंह ने उन्हें व्यवस्थाओं की जानकारी दी.

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