मध्य प्रदेश सरकार ने अगले पांच सालों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट लागू करने और एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग देने का फैसला किया.
सरकार ने स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद बीजेपी शासित राज्य में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग देने का भी फैसला किया.
राज्य के PWD मंत्री राकेश सिंह ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ये फैसले लिए गए.
उन्होंने कहा, "मुख्यमंत्री ने आज विज्ञान और तकनीक के बारे में एक बड़ा फैसला लिया. राज्य सरकार अगले पांच सालों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से ज्यादा के प्रोजेक्ट लागू करेगी."
उन्होंने कहा कि इस फैसले से मध्य प्रदेश में विज्ञान और तकनीक का परिदृश्य निश्चित रूप से बदल जाएगा.
सिंह ने कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में विज्ञान और तकनीक के लिए सिर्फ 6 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था, जो इस अहम क्षेत्र के प्रति उनकी अनदेखी को दिखाता है.
उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से अपने भाषण में घोषित संकल्पों को पूरा करने में मध्य प्रदेश अहम भूमिका निभाएगा.
सिंह ने कहा कि कैबिनेट ने 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं को खोजने के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल सर्च अभियान शुरू करने का फैसला किया.
मंत्री ने कहा, "अभियान के दौरान चुने गए बच्चों को बेहतर एथलीट बनने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी."
सिंह ने कहा कि कैबिनेट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वालों को मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग देने और अगले साल एक करोड़ से ज्यादा युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) स्किल्स की ट्रेनिंग देने का भी फैसला किया.
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री के भाषण में की गई अहम घोषणाओं में छात्रों को मुफ़्त ऑनलाइन कोचिंग देना, युवाओं को AI स्किल्स की ट्रेनिंग देना, ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और विज्ञान और तकनीक पर खास जोर देना शामिल था.
सिंह ने कहा कि कैबिनेट बैठक में इस बात पर ध्यान दिया गया कि राज्य के डिंडोरी जिले ने 'प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना' को असरदार ढंग से लागू करने में देश में पहला स्थान हासिल किया है.
सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री और उनके कैबिनेट सहयोगियों ने इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिला प्रशासन के अधिकारियों को बधाई दी. मंत्री ने कहा कि डिंडोरी के सफल मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में भी अपनाया जाएगा, ताकि वे भी इस योजना को लागू करने में बेहतर प्रदर्शन कर सकें.
100 जिलों को कवर करने वाली इस योजना का मकसद 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ लाना और फसल विविधीकरण व टिकाऊ खेती के तरीकों को अपनाने को बढ़ावा देना है.
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