MP राजधानी के बाद आर्थिक राजधानी इंदौर में आयोजित 'मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026' ने प्रदेश के औद्योगिक विकास में एक नया इतिहास रच दिया है. ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित इस दो दिवसीय महाकुंभ के दौरान प्रदेश में लगभग 5 हजार 800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे 10 हजार से अधिक नए रोजगार के अवसर सृजित होंगे. इस समिट में जापान, दक्षिण कोरिया, ताइवान और स्वीडन समेत देश-विदेश के 1 हजार से अधिक प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जो वैश्विक स्तर पर मध्यप्रदेश की बढ़ती साख को दर्शाता है.
समारोह के शुभारंभ सत्र को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है. कभी असंभव लगने वाले लक्ष्य आज वास्तविकता बन रहे हैं. मुख्यमंत्री ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार 'फाइलों के स्थान पर फैसलों' और 'समस्याओं के स्थान पर समाधान' की नीति पर काम कर रही है.
समिट के दौरान मुख्यमंत्री ने कई अहम घोषणाएं कीं
सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: चिप डिजाइन, वीएलएसआई, अनुसंधान और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना की जाएगी.
फोटोनिक्स और क्वांटम टेक्नोलॉजीज सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: क्वांटम कंप्यूटिंग, फोटोनिक्स और डीप-टेक रिसर्च के लिए नया केंद्र बनेगा.
इंदौर-उज्जैन इकोनॉमिक कॉरिडोर: कॉरिडोर के विकास में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और एडवांस्ड पैकेजिंग जैसे हाई-टेक उद्योगों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.
विदेशी भाषाओं में नीति का विमोचन
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर नीति-2025 का जापानी, ताइवानी और कोरियाई भाषाओं में विमोचन किया, ताकि विदेशी निवेशकों को समझने में आसानी हो. इसके अलावा, आईआईटी इंदौर की दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित 'एमपी सेमीकॉन स्टार्टअप चैलेंज' के विजेताओं को कुल 6 लाख रुपये के पुरस्कार से सम्मानित किया गया. प्रथम पुरस्कार 3 लाख, द्वितीय 2 लाख और तृतीय पुरस्कार 1 लाख रुपये प्रदान किया गया.
एमओयू, भूमि आवंटन और रोजगार के नए अवसर
प्रमुख संस्थागत समझौते (MoUs): कौशल विकास, चिप डिजाइन और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल्स काउंसिल, सेमी इंडिया, एससीएल मोहाली (पंजाब), इंटरनेशनल सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ग्रुप (लंदन) और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (मुंबई) के साथ समझौते किए गए.
जमीन आवंटन और निवेश: ग्वालियर, भोपाल और इंदौर में औद्योगिक परियोजनाओं के लिए 5 कंपनियों को भूमि आवंटन के आशय पत्र (LOI) दिए गए, जिनसे 9 हजार 625 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है. इसमें ग्वालियर में हाइपरस्केल डेटा सेंटर और भोपाल में लिथियम सेल विनिर्माण इकाई शामिल है.
IT पार्क-4 में कार्यालयीन स्थान: एडीटी सेमीकंडक्टर्स और स्पिंट्रॉनिक्स एआई समेत 7 प्रमुख कंपनियों को परदेशीपुरा स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्प्लेक्स में स्पेस के लिए एलओआई दिए गए, जिससे 1280 से अधिक रोजगार सृजित होंगे.
धर्मेंद्र कुमार शर्मा