खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर, हजारों भक्त भी जमा.... उज्जैन में हलचल तेज, Video

उज्जैन के प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर पहुंच गए हैं. मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बीच यहां श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ रही है. पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा लोग दर्शन के लिए पहुंचे हैं. मंदिर के आसपास पुलिस बल तैनात है और बैरिकेडिंग की गई है.

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मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर, श्रद्धालुओं के बीच बनी चर्चा. (Photo: ITG) मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर, श्रद्धालुओं के बीच बनी चर्चा. (Photo: ITG)

संदीप कुलश्रेष्ठ / रवीश पाल सिंह

  • उज्जैन ,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 5:57 PM IST

उज्जैन के सती गेट के पास स्थित प्रसिद्ध खड़े हनुमान मंदिर इन दिनों लगातार चर्चा में है. मंदिर को हटाने की कार्रवाई से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यहां श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है. इसी बीच मंदिर के पास अचानक कुछ लंगूर भी पहुंच गए हैं. मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के बीच लंगूरों की मौजूदगी भी चर्चा का विषय बनी हुई है. खड़े हनुमान मंदिर की प्रतिमा को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो और रील वायरल हो रहे हैं. इनमें प्रतिमा के चमत्कारिक रूप से नहीं हटने की कहानियां भी प्रसारित की जा रही हैं. इंस्टाग्राम, यूट्यूब समेत कई प्लेटफॉर्म पर प्रतिमा के जस की तस खड़े रहने के वीडियो ट्रेंड कर रहे हैं.

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इन वायरल वीडियो और रील्स का असर मंदिर में दिखाई दे रहा है. पिछले चार दिनों में करीब 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु मंदिर पहुंच चुके हैं. मध्य प्रदेश के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और राजस्थान से भी लोग यहां दर्शन के लिए आ रहे हैं. कई श्रद्धालु मंदिर में दर्शन करने के साथ खड़े हनुमान की प्रतिमा की रील बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं. इससे मंदिर से जुड़े वीडियो लगातार लोगों तक पहुंच रहे हैं. अब मंदिर के पास पहुंचे लंगूरों ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान खींचा है. मंदिर परिसर और आसपास के इलाके में मौजूद लोगों के बीच इन लंगूरों को लेकर चर्चा हो रही है. हालांकि, मंदिर के पास लंगूरों के पहुंचने को लेकर किसी तरह का दावा प्रशासन की ओर से नहीं किया गया है.

फिलहाल खड़े हनुमान मंदिर की स्थिति भी बाकी दिनों से अलग है. मंदिर के आसपास का ज्यादातर हिस्सा करीब एक सप्ताह से तोड़ा जा चुका है. हनुमानजी की प्रतिमा फिलहाल टेंट में विराजमान है. प्रतिमा को हटाने की कार्रवाई को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं. बढ़ती भीड़ को देखते हुए मंदिर के आसपास बैरिकेडिंग की गई है. बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है. सुबह से शाम तक मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है. खास बात यह है कि अभी कोई बड़ा त्योहार नहीं है, फिर भी मंदिर में लगातार भीड़ दिखाई दे रही है.

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चार दिन में 8 हजार से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

आमतौर पर हिंदू देवी-देवताओं के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ वार और त्योहार के हिसाब से बढ़ती है. सोमवार को महादेव, मंगलवार को बजरंगबली और बुधवार को गणेशजी के मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की परंपरा देखी जाती है. लेकिन उज्जैन का खड़े हनुमान मंदिर इन दिनों बिना किसी त्योहार के ही चर्चा में है. मंदिर में पहुंच रहे श्रद्धालु इसे चमत्कारिक मंदिर मानते हैं. उनका कहना है कि यहां से मिलने वाले ताबीज और झड़नी से कई तरह के रोगों से छुटकारा मिलने की मान्यता है. इसी आस्था के कारण स्थानीय लोगों के अलावा अब दूसरे राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं.

गुरुवार को आजतक ने मंदिर चौपाल लगाकर श्रद्धालुओं से मंदिर को हटाए जाने को लेकर उनकी राय जानी. स्थानीय और बाहर से आए श्रद्धालुओं की बात में एक बात समान रही. उनका कहना था कि जब भगवान खुद इस स्थान से नहीं जाना चाहते तो उन्हें जबरन नहीं हटाया जाना चाहिए. श्रद्धालुओं का कहना था कि नगर विकास के लिए अब तक 60 से ज्यादा मंदिरों को स्थानांतरित किया जा चुका है. ऐसे में एक मंदिर को इसी स्थान पर छोड़ दिया जाए तो इसमें कोई गलत बात नहीं होगी. उनका यह भी कहना था कि प्रशासन को विकास के साथ जनभावनाओं का भी ध्यान रखना चाहिए. लोगों का कहना है कि इस मंदिर से लाखों लोगों की आस्था जुड़ी हुई है, इसलिए किसी तरह की ऊंच-नीच नहीं होनी चाहिए.

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मंदिर के पुजारी महेश बैरागी ने कहा कि मंदिर से जुड़ा काम आसानी से किया जा सकता था, लेकिन प्रशासन की ओर से की गई गलतियों के कारण हालात ऐसे बने हैं. उन्होंने बताया कि मंदिर को स्थानांतरित किए जाने को लेकर उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों से सशर्त चर्चा की थी, लेकिन उनकी बात नहीं मानी गई. पुजारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर मंदिर को लेकर प्रचार होने के बाद देशभर से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगे हैं. जो लोग महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन आ रहे हैं, उनमें से कई लोग अब खड़े हनुमान मंदिर भी पहुंच रहे हैं. इस वजह से यह जगह श्रद्धालुओं के लिए एक नए डेस्टिनेशन प्वाइंट की तरह चर्चा में आ गई है. महेश बैरागी ने बताया कि पिछले चार दिनों से मंदिर में लगातार भीड़ बढ़ रही है. उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन अब आईआईटी के जरिए मंदिर की स्कैनिंग का काम करवाने जा रहा है.

इस बीच प्रशासन की ओर से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और दावों को भ्रामक बताया गया है. प्रशासन का कहना है कि अभी तक किसी भी तरह की मशीन या बल का इस्तेमाल कर प्रतिमा को हटाने का प्रयास नहीं किया गया है. गुरुवार को भी सुबह से मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी. प्रतिमा टेंट में विराजमान है, आसपास बैरिकेडिंग है और पुलिस बल तैनात है. इसी माहौल के बीच मंदिर के पास अचानक पहुंचे लंगूर भी श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का हिस्सा बन गए हैं.

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प्रतिमा को लेकर प्रशासन बरत रहा सावधानी

खड़े हनुमान मंदिर को लेकर पूरा मामला सिंहस्थ निर्माण कार्य से जुड़ा है. कंठाल से छत्री चौक तक मार्ग चौड़ा किया जाना प्रस्तावित है और इसी मार्ग में मंदिर आ रहा है. पिछले दिनों जिला प्रशासन ने मंदिर की दीवारें हटा दी थीं, लेकिन प्रतिमा को अब तक हटाया नहीं जा सका है. फिलहाल श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और मंदिर के पास पहुंचे लंगूरों के कारण यह स्थान लगातार चर्चा में बना हुआ है. वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का सीएम मोहन यादव को खत लिखकर  उज्जैन के हनुमान मंदिर को न हटाने की मांग है. 

 

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