37 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' में रखकर रिटायर्ड महिला से 1.58 करोड़ की ठगी, दिल्ली पुलिस अफसर बनकर किया फ्रॉड

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का बड़ा मामला सामने आया है. ठगों ने खुद को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताकर 69 वर्षीय रिटायर्ड लैब टेक्नीशियन को 37 दिन तक डराकर रखा. इस दौरान उनकी एफडी तुड़वाकर अलग-अलग खातों में 1.58 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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FD तुड़वाकर खातों में ट्रांसफर कराए पैसे.(Photo: AI-generated) FD तुड़वाकर खातों में ट्रांसफर कराए पैसे.(Photo: AI-generated)

हेमंत शर्मा

  • ग्वालियर,
  • 25 जून 2026,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां 69 वर्षीय रिटायर्ड महिला को खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताने वाले साइबर ठगों ने 37 दिन तक 'डिजिटल अरेस्ट' कर मानसिक दबाव में रखा और उनसे 1 करोड़ 58 लाख रुपये ठग लिए.

पीड़ित महिला की पहचान मीनाक्षी नाखरे के रूप में हुई है. वह स्वास्थ्य विभाग से लैब टेक्नीशियन के पद से रिटायर्ड हैं और ग्वालियर के पाटणकर साहब का बाजार इलाके में रहती हैं. मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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पुलिस के मुताबिक, ठगों ने महिला को इस तरह डराया कि उन्होंने अपनी जमा पूंजी तक गंवा दी. अब साइबर अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं.

फोन कॉल से शुरू हुआ पूरा खेल

जानकारी के अनुसार, 10 मई को मीनाक्षी नाखरे के मोबाइल पर एक कॉल आया. कॉल करने वाले ने दावा किया कि उनकी सिम का इस्तेमाल अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है.

इसके कुछ समय बाद महिला को वीडियो कॉल किया गया. वीडियो कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया और कहा कि उनके बैंक खातों के जरिए करीब 6 करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग की गई है.

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यह सुनकर मीनाक्षी घबरा गईं. ठगों ने उन्हें लगातार डराया कि यदि उन्होंने उनके निर्देशों का पालन नहीं किया तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी और उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है.

एफडी तुड़वाकर अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कराए पैसे

पुलिस के अनुसार, साइबर ठगों ने महिला को करीब 37 दिनों तक तथाकथित 'डिजिटल अरेस्ट' की स्थिति में रखा. इस दौरान उन्हें लगातार निगरानी में रहने का एहसास कराया गया और किसी से संपर्क नहीं करने की हिदायत दी गई.

ठगों के कहने पर मीनाक्षी ने अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वाई और अलग-अलग बैंक खातों में कुल 1 करोड़ 58 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए.

जब कुछ समय बाद ठगों का संपर्क पूरी तरह बंद हो गया, तब महिला को एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है. इसके बाद उन्होंने ग्वालियर पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई.

FIR दर्ज, आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

शिकायत मिलने के बाद ग्वालियर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. पुलिस बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है.

सीएसपी मनीष यादव ने बताया कि एक बुजुर्ग महिला के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है. शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

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उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा.

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