ग्वालियर शहर में ओवरलोड रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली का वीडियो बनाना एक जागरूक युवक को महंगा पड़ गया. ट्रॉली पर कार्रवाई करने के बजाय पुलिस ने वीडियो बना रहे युवक को रोक लिया और उससे लंबी बहस शुरू कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं.
दरअसल, तय समय के बाद भी रेत से लदी एक ओवरलोड ट्रैक्टर-ट्रॉली शहर में प्रवेश कर नदी गेट चौराहे तक पहुंच गई. इसी दौरान एक युवक ने संभावित हादसों की आशंका को देखते हुए उसका वीडियो रिकॉर्ड करना शुरू कर दिया. पुलिस ने ट्रॉली को रोकने के बजाय युवक को ही घेर लिया और उससे पूछताछ व बहस करने लगी.
वीडियो में दिखाई दे रहे पुलिसकर्मियों की पहचान संतराम पाल और कुलविंदर सिंह के रूप में बताई जा रही है, जो कथित तौर पर इंदरगंज थाने में पदस्थ हैं. युवक ने जब ओवरलोड वाहन पर कार्रवाई नहीं होने का कारण पूछा तो पुलिसकर्मियों ने उसे वरिष्ठ अधिकारियों से बात करने की सलाह दी. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई.
बताया जा रहा है कि बातचीत के दौरान पुलिसकर्मियों ने युवक से हेलमेट को लेकर सवाल किया. युवक ने भी पलटकर पुलिसकर्मियों से उनके हेलमेट और बाइक की नंबर प्लेट पर अधूरे नंबर होने को लेकर सवाल उठाए. यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में रिकॉर्ड हो गया. देखें VIDEO:-
करीब पांच मिनट से अधिक लंबे वायरल वीडियो के बाद शहर में पुलिस की कार्रवाई और ओवरलोड वाहनों की निगरानी को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
प्रशासनिक चुप्पी से बढ़ रहा है आक्रोश
इस हाई-वोल्टेज ड्रामे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्वालियर के नागरिकों में पुलिस की इस कार्यशैली और रेत माफियाओं के साथ कथित साठगांठ को लेकर भारी आक्रोश देखा जा रहा है. लोग लगातार वीडियो को री-ट्वीट कर बड़े अधिकारियों से इन सिपाहियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
हालांकि, वीडियो के सामने आने के कई घंटे बीत जाने के बाद भी ग्वालियर पुलिस या ट्रैफिक विभाग के आला अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या कार्रवाई की बात सामने नहीं आई है.
हेमंत शर्मा