200 से ज्यादा का पेट्रोल नहीं मिलेगा... भोपाल के नायरा पंप को 'तुगलकी' फरमान पड़ा भारी, प्रशासन ने जड़ा ताला

Bhopal Nayara Petrol Pump Sealed: पेट्रोल-डीजल की किल्लत की अफवाह फैलाकर जनता को परेशान करने वाले पेट्रोल पंप संचालकों पर प्रशासन ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. Nayara पेट्रोल पंप पर जब एक कर्मचारी ने बाइक सवारों को 200 रुपये से ज्यादा का पेट्रोल देने से मना किया, तो प्रशासन ने सख्त एक्शन ले लिया.

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जिला आपूर्ति नियंत्रक ने टीम के साथ मारी रेड.(Photo:Screengrab) जिला आपूर्ति नियंत्रक ने टीम के साथ मारी रेड.(Photo:Screengrab)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल,
  • 25 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता के बावजूद बनावटी किल्लत पैदा करने वाले पेट्रोल पंपों के खिलाफ जिला प्रशासन के सख्त तेवर देखने को मिल रहे हैं. बुधवार को एयरपोर्ट रोड स्थित नायरा (Nayara) पेट्रोल पंप का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कर्मचारी बाइक सवारों को मात्र 200 रुपये का पेट्रोल देने की बात कह रहा था. वीडियो सामने आते ही जिला आपूर्ति नियंत्रक ने मौके पर पहुंचकर सख्त कार्रवाई की.

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वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप ऑपरेटर एक बाइक सवार व्यक्ति से बहस कर रहा है और उसे 200 रुपये से ज्यादा का ईंधन देने से साफ मना कर रहा है. उपभोक्ता ने खुद इस पूरी घटना का वीडियो बनाया और प्रशासन तक पहुंचाया.

सूचना मिलते ही जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन अपनी टीम और नापतौल विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे. जांच के दौरान कर्मचारी ने स्वीकार किया कि उसने 200 रुपये की सीमा तय की थी. इस दोष में नायरा कंपनी के इस पेट्रोल पंप को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया. कर्मचारी के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और नापतौल विभाग विस्तृत जांच कर रहा है.

भोपाल में स्टॉक की कोई कमी नहीं
जिला आपूर्ति नियंत्रक जादौन ने जनता को आश्वस्त करते हुए बताया कि भोपाल में ईंधन का पर्याप्त भंडार है. CNG का 9 दिनों का सुरक्षित स्टॉक उपलब्ध है. वहीं, पेट्रोल-डीजल का अगले दो महीने तक का स्टॉक मौजूद है.

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निगरानी जारी
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पेट्रोल पंप संचालक अपनी मर्जी से ईंधन की मात्रा पर प्रतिबंध नहीं लगा सकता है. इसके लिए विशेष दलों का गठन किया गया है जो पंपों और गैस एजेंसियों पर नजर रख रहे हैं. ट्रकों की जीपीएस ट्रैकिंग भी की जा रही है. 

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