मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 17 साल के किशोर रेहान की हत्या के मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, पुलिस के सामने एक कथित साजिश की परतें खुलती चली गईं. पुलिस के मुताबिक, किशोर को करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये कमाने के लालच में निशाना बनाया गया था. जांच में एक नाबालिग समेत करीब 13 लोगों से पूछताछ की गई. पुलिस का कहना है कि किशोर के शरीर से उसके प्राइवेट पार्ट्स निकालकर उन्हें बेचने की साजिश रची गई थी. हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है.
पुलिस के मुताबिक, रेहान इकबाल मैदान, रेतघाट, कमला पार्क, बस स्टैंड और रॉयल मार्केट इलाके में पेन और चाबी के छल्ले बेचता था. 6 अगस्त को दो नाबालिग उसे इकबाल मैदान में मिले. उन्होंने रेहान से कहा कि खटलापुरा के पास कुछ लड़कों से उनकी लड़ाई हो गई है और वहां जाना है. इसके बदले उसे 100 रुपये देने की बात कही गई.
रेहान उनके साथ चल पड़ा. रास्ते में रेतघाट के पास आमिर और कुछ अन्य नाबालिग भी उनके साथ जुड़ गए. इसके बाद वे रेहान को गिन्नौरी, किलोल पार्क होते हुए छोटे तालाब के धोबी घाट की तरफ ले गए.
पुलिस के अनुसार, इस दौरान आरोपियों का जोहेब नाम के युवक से फोन पर संपर्क बना हुआ था.
डॉक्टर बताकर बनाई गई थी प्लानिंग
पुलिस जांच में सामने आया कि करीब एक महीने पहले एक नाबालिग की पहचान जोहेब से हुई थी. पुलिस के मुताबिक, जोहेब ने खुद को मेडिकल की पढ़ाई करने वाला बताया था और एप्रन व स्टेथोस्कोप पहनकर मिलता था. दोस्ती बढ़ने के बाद जोहेब ने एक वीडियो दिखाया. पुलिस के मुताबिक, वीडियो में किसी व्यक्ति को बेहोश करने और उसके प्राइवेट प्रार्ट्स निकालने का तरीका दिखाया गया था.
इसके बाद प्राइवेट पार्ट्स को बेचकर 1.20 करोड़ रुपये कमाने का लालच दिया गया. पुलिस के मुताबिक, जोहेब ने बताया था कि इसके लिए करीब 15-16 साल की उम्र के लड़के की जरूरत होगी.
इसके बाद एक नाबालिग ने आमिर को साजिश में शामिल किया. आगे आमिर ने कथित तौर पर दो अन्य नाबालिगों को भी इसमें शामिल कर लिया.
रेहान को छोटे तालाब के पास ले गए
पुलिस के अनुसार, 6 अगस्त को रेहान को बहाने से साथ ले जाने के बाद आरोपी उसे छोटे तालाब के धोबी घाट की ओर ले गए. जांच में सामने आया कि जोहेब फोन पर लगातार आमिर और दूसरे नाबालिगों के संपर्क में था. पुलिस के मुताबिक, उसे फोन पर बताया गया कि जिस लड़के की जरूरत थी, वह मिल गया है. इसके बाद रेहान की हत्या कर दी गई.
हत्या के बाद शरीर के साथ क्या किया गया?
पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद एक नाबालिग ने ब्लेड और मास्क निकाला. आमिर ने जोहेब को फोन कर बताया कि किशोर की हत्या हो चुकी है. जोहेब मौके पर नहीं पहुंच सका और उसने पहले दिखाए गए वीडियो के अनुसार कार्रवाई करने को कहा. जांच में पुलिस ने दावा किया है कि इसके बाद आरोपियों ने रेहान के शरीर से उसके निजी अंग निकालकर प्लास्टिक की थैली में रख दिए.
बेच नहीं पाए तो तालाब में फेंका
पुलिस के मुताबिक, जोहेब प्राइवेट पार्ट्स को बेच नहीं पाया. अगले दिन उसने उन्हें आमिर और नाबालिगों को वापस दे दिया और कुछ दिनों तक अपने पास रखने को कहा. करीब तीन दिन बाद जब दोबारा संपर्क हुआ तो जोहेब ने अंगों को बिकवाने में असमर्थता जताई. इसके बाद आमिर और नाबालिगों ने उन हिस्सों को वापस तालाब में फेंक दिया.
11 अगस्त को मिला था शव
रेहान के लापता होने के पांच दिन बाद 11 अगस्त को छोटे तालाब से एक शव बरामद हुआ. कपड़ों और चप्पलों के आधार पर 14 अगस्त को परिजनों ने शव की पहचान रेहान के रूप में की. इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज की और कई संदिग्धों से पूछताछ शुरू की.
एक और किशोर ने लगाया हत्या की कोशिश का आरोप
इसी बीच, एक अन्य 17 वर्षीय किशोर ने भी अपनी हत्या की कोशिश किए जाने का आरोप लगाया है. पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है या नहीं. क्या दोनों मामलों के पीछे एक ही नेटवर्क है? क्या अन्य लोग भी इस कथित साजिश में शामिल हैं? पुलिस इन सवालों के जवाब तलाश रही है.
एडिशनल DCP शैलेंद्र सिंह चौहान के मुताबिक, एक नाबालिग समेत करीब 13 लोगों से पूछताछ की गई है. पुलिस कथित तौर पर अंगों को बाहर भेजने और बेचने की साजिश के एंगल से भी जांच कर रही है. फिलहाल मामले में पुलिस की जांच जारी है. आरोपियों से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस कथित नेटवर्क की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है.
रवीश पाल सिंह