'भाभी जी कलेक्टर हैं मेरी...', IAS का देवर बताकर झाड़ा रौब, ₹20 लाख लेकर थमाए नौकरी के फर्जी जॉइनिंग लेटर

जब पीड़ित ने जल्द नौकरी लगवाने का दबाव बनाया तो आरोपी विजय शंकर मिश्रा आनाकानी करने लगा. अब क्राइम ब्रांच पुलिस सख्ती से जांच कर रही है कि विजय शंकर ने कितने और लोगों से जालसाजी की है.

Advertisement
आरोपी विजय शंकर मिश्रा गिरफ्तार.(Photo:ITG) आरोपी विजय शंकर मिश्रा गिरफ्तार.(Photo:ITG)

धर्मेंद्र साहू

  • भोपाल/मुरैना,
  • 13 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 5:03 PM IST

MP News: राजधानी भोपाल में जालसाजी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां एक जालसाज खुद को 'कलेक्टर का देवर' और मंत्रालय का कर्मचारी बताकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देता था. क्राइम ब्रांच पुलिस ने अंबाह (मुरैना) के एक किसान से ₹20 लाख की ठगी करने वाले आरोपी विजय शंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है.

पुलिस के मुताबिक, आरोपी विजय शंकर मिश्रा खुद को मध्यप्रदेश जीडी ऑफिस में पदस्थ मंत्रालय का कर्मचारी बताता था. लोगों पर रौब जमाने के लिए वह एक महिला IAS अफसर को अपनी सगी भाभी बताकर उनका देवर होने का दावा करता था. आरोपी मंत्रालय के बाहर ही लोगों से मुलाकात कर डील फाइनल करता था.

Advertisement

आरोपी ने 6 फरवरी 2024 को मुरैना के अंबाह निवासी किसान राजकुमार सिंह से मुलाकात की और उनके परिवार के 7 सदस्यों को चुनाव आयोग और महिला बाल विकास विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया. पीड़ित राजकुमार सिंह ने नौकरी के लिए आरोपी को कई बार में कुल ₹20 लाख दिए.

फर्जी जॉइनिंग लेटर थमाया
₹20 लाख रुपए ऐंठने के बाद जब राजकुमार सिंह ने नौकरी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी विजय शंकर मिश्रा आनाकानी करने लगा. बाद में उसने राजकुमार सिंह को चुनाव आयोग और महिला बाल विकास में नौकरी के फर्जी जॉइनिंग लेटर थमा दिए.

मामले की शिकायत डीजीपी कार्यालय में की गई, जिसके बाद जांच भोपाल क्राइम ब्रांच पुलिस को सौंपी गई. क्राइम ब्रांच ने जांच के बाद एफआईआर दर्ज की और आरोपी विजय शंकर मिश्रा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

Advertisement

क्राइम ब्रांच पुलिस अब यह जानने के लिए सख्ती से जांच कर रही है कि आरोपी विजय शंकर मिश्रा ने कितने और लोगों से इस तरह की जालसाजी की है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »