उफनती चंबल नदी के बीच खत्म हुआ डीजल, 40 यात्रियों से भरा स्टीमर फंसा, थमीं सांसें

मध्य प्रदेश के भिंड में चंबल नदी के बीच करीब 40 यात्रियों से भरा स्टीमर डीजल खत्म होने से फंस गया. तेज बहाव के बीच प्रशासन ने डीजल पहुंचाकर स्टीमर को सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया. सभी यात्री सुरक्षित हैं, लेकिन स्टीमर में लाइफ जैकेट नहीं होने की बात सामने आई है.

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चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा (सांकेतिक फोटो) चंबल नदी का जलस्तर बढ़ा (सांकेतिक फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 2:17 PM IST

मध्य प्रदेश के भिंड जिले में रविवार सुबह चंबल नदी के बीच एक स्टीमर अचानक रुक गया. इसमें करीब 35 से 40 यात्री सवार थे. दरअसल, स्टीमर का डीजल खत्म हो गया था, जिससे तेज बहाव के बीच वह बहने लगा. राहत की बात रही कि सभी यात्री सुरक्षित हैं.

यह स्टीमर उत्तर प्रदेश के आगरा से संचालित हो रहा था. सवारियों के पास सुरक्षा के लिए लाइफ जैकेट तक नहीं थी. सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन ने नाव के जरिए डीजल की व्यवस्था कराई. इसके बाद स्टीमर को दोबारा चालू करके सुरक्षित किनारे तक पहुंचाया गया.

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अगर स्टीमर पलट जाता या कोई अप्रिय घटना होती, तो तेज बहाव में यात्रियों की जान बचाना बेहद मुश्किल हो जाता. प्रशासन अब इस बात की जांच कर रहा है कि बिना सुरक्षा मानकों के यह नाव संचालन कैसे हो रहा था.

तेज बहाव के बीच फंसे यात्री

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक,  घटना उस समय हुई जब चंबल नदी उफान पर थी. स्टीमर में करीब 40 लोग मौजूद थे. ईंधन खत्म होने के बाद चालक के पास उसे आगे ले जाने का कोई रास्ता नहीं बचा. स्टीमर पानी के बहाव के साथ आगे बढ़ने लगा. कुछ देर तक यात्री नदी के बीच फंसे रहे. प्रशासन की ओर से डीजल पहुंचाए जाने के बाद स्टीमर में ईंधन भरा गया. इसके बाद उसे सुरक्षित तरीके से नदी के किनारे लाया गया.

स्टीमर में नहीं थे लाइफ जैकेट

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इस घटना में एक बड़ी लापरवाही भी सामने आई है. अधिकारियों के मुताबिक स्टीमर में यात्रियों के लिए लाइफ जैकेट मौजूद नहीं थे. ऐसे में अगर नदी के तेज बहाव के बीच कोई बड़ा हादसा होता तो यात्रियों की मुश्किल बढ़ सकती थी. फिलहाल सभी यात्री सुरक्षित हैं. स्टीमर का संचालन आगरा से किया जा रहा था. उसका संचालक भी आगरा का रहने वाला बताया गया है.

चंबल नदी अपने तेज बहाव और गहरे पानी के लिए जानी जाती है. यह नदी मध्य प्रदेश के महू के पास विंध्य पर्वत श्रृंखला की जानापाव पहाड़ियों से निकलती है. इसके बाद यह राजस्थान से होकर गुजरती है और उत्तर प्रदेश में प्रवेश करती है. अंत में इटावा के पास जाकर यह यमुना नदी में मिल जाती है.

बारिश के मौसम में चंबल का जलस्तर काफी बढ़ जाता है. ऐसे में बीच नदी में ईंधन खत्म होना बेहद डरावना मंजर था. समय पर पहुंचे ईंधन और सूझबूझ से सभी जिंदगियों को बचा लिया गया.
 

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