Breakup with Twist: करोड़ों के गिफ्ट या लोन? ब्रेकअप के बाद गर्लफ्रेंड से CEO ने वापस मांगे 3.5 करोड़, कोर्ट ने सुनाया ऐसा फैसला

Breakup with Twist: TCI Express के MD चंदर अग्रवाल ने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप के बाद ₹3.5 करोड़ के महंगे गिफ्ट्स और ट्रिप खर्च को लोन बताकर वापस मांगा. सिंगापुर हाई कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि ये कोई लोन नहीं बल्कि गिफ्ट्स थे.

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कोर्ट ने सीईओ की मांग को खारिज करते हुए कहा कि लोन नहीं बल्कि गिफ्ट्स थे. (Photo: ITG) कोर्ट ने सीईओ की मांग को खारिज करते हुए कहा कि लोन नहीं बल्कि गिफ्ट्स थे. (Photo: ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 14 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 2:30 PM IST

Breakup with Twist: जब भी कोई रिश्ता शुरू होता है, तो कपल एक-दूसरे को गिफ्ट्स देते हैं और घूमने भी जाते हैं. ये बहुत ही आम बात है, लेकिन क्या कभी सोचा है कि जब वही रिश्ता टूटता है तो उन गिफ्ट्स का क्या होता है? आप कहेंगे क्या होता है...ब्रेकअप होता है और गिफ्ट्स उनके पास रह जाते हैं. ये किसी भी आम रिश्ते का सच है, लेकिन आज हम आपको एक रिश्ते के ब्रेकअप की कहानी बता रहे हैं, जिसमें थोड़ा ट्विस्ट है. 

रिश्ता शुरू हुआ तो महंगे गिफ्ट, लग्जरी ट्रिप और फर्स्ट क्लास फ्लाइट्स पर खूब पैसा खर्च हुआ. गर्लफ्रेंड के लिए लाखों रुपये के डिजाइनर सामान खरीदे गए और विदेश यात्राओं का खर्च भी उठाया गया. लेकिन जब रिश्ता टूटा तो कहानी ने ऐसा मोड़ लिया कि मामला सीधे कोर्ट पहुंच गया. भारतीय मूल के एक बिजनेसमैन ने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड से करीब ₹3.5 करोड़ वापस मांग लिए. उनका कहना था कि उन्होंने ये पैसे गिफ्ट के तौर पर नहीं, बल्कि इंटरस्ट-फ्री लोन के रूप में दिए थे. वहीं, गर्लफ्रेंड का कहना था कि रिश्ते के दौरान प्यार से किए गए खर्च को अब लोन नहीं कहा जा सकता. मामला सिंगापुर हाई कोर्ट पहुंचा और कोर्ट ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया.

फ्लाइट में हुई थी पहली मुलाकात
ब्रेकअप के बाद की कहानी जानने से पहले जरूरी है कि रिश्ता शुरू कहां से हुआ था. ये मामला TCI Express के CEO और मैनेजिंग डायरेक्टर चंदर अग्रवाल और उनकी एक्स गर्लफ्रेंड फेलिशिया ली से जुड़ा है. कोर्ट में सामने आई जानकारी के मुताबिक, दोनों की मुलाकात साल 2019 में एक फ्लाइट के दौरान हुई थी. इसके बाद चंदर ने सोशल मीडिया के जरिए ली से कॉन्टैक्ट किया और दोनों की मुलाकातें शुरू हो गईं. सितंबर 2022 में दोनों का रिश्ता रोमांटिक हो गया. हालांकि, एक-दूसरे को डेट करने से पहले ही चंदर, ली पर काफी पैसा खर्च करने लगे थे.

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गर्लफ्रेंड पर लाखों किए खर्च और दिए लग्जरी गिफ्ट
जब दोनों ने एक-दूसरे को डेट किया तब तक चंदर ने ली के लिए कई महंगे सामान खरीदे और उन्हें लग्जरी ट्रिप्स पर भी लेकर गए. कोर्ट में जिन चीजों का जिक्र हुआ, उनमें लुई विटॉन (Louis Vuitton) का हैंडबैग, Prada के वाउचर और एप्पल हर्मिस की घड़ियों जैसी महंगी चीजें शामिल थीं.

इतना ही नहीं, दोनों ने यूरोप का टूर भी किया. इस ट्रिप में बार्सिलोना, लिस्बन और लंदन जैसे शहर शामिल थे. फर्स्ट क्लास या सुइट्स क्लास की फ्लाइट्स, होटल में ठहरने और महंगी शॉपिंग का खर्च भी चंदर ने ही उठाया था. उस समय ये खर्च किसी नॉर्मल कपल के बीच होने वाले खर्च की तरह ही नजर आते थे. लेकिन ब्रेकअप के बाद इन्हीं पैसों को लेकर दोनों के बीच बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया.

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2023 के अंत में बदल गई पूरी कहानी
दिसंबर 2023 में चंदर और ली का ब्रेकअप हुआ था. रिपोर्ट के मुताबिक, चंदर को ली पर विश्वास नहीं था. उन्हें शक था कि ली उन्हें धोखा दे रही हैं. रिश्ते के खत्म होते ही पहले किए गए खर्चों को लेकर चंदर का रुख भी बदल गया.

मार्च 2024 में उन्होंने सिंगापुर की अदालत में  केस दायर कर दिया. उन्होंने ली से करीब 4,68,090 सिंगापुर डॉलर यानी लगभग ₹3.5 करोड़ वापस मांगे. चंदर का दावा था कि ये पैसे उन्होंने सिर्फ गिफ्ट के तौर पर नहीं दिए थे, बल्कि ये इंटरस्ट-फ्री लोग था और ली को इन्हें वापस करना था.

ली ने कहा ये नहीं था लोन
ली ने चंदर के दावे को साफ तौर पर खारिज कर दिया. उनका कहना था कि रिश्ते के दौरान जो भी पैसे खर्च किए गए, वो प्यार और अपनी मर्जी से दिए गए गिफ्ट थे. ली का कहना था कि खर्च भी चंदर ने अपनी मर्जी से किया था. उनके मुताबिक, कभी ऐसी कोई बात या सहमति नहीं हुई थी कि ब्रेकअप होने पर उन्हें ये सारे पैसे वापस करने होंगे.

यही इस पूरे केस का सबसे बड़ा सवाल बन गया कि अगर कोई व्यक्ति अपने पार्टनर पर रिश्ते के दौरान करोड़ों रुपये खर्च करता है, तो क्या ब्रेकअप के बाद वो उन पैसों को लोन बताकर वापस मांग सकता है?

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चंदर अग्रवाल ने कोर्ट में क्या कहा?
कोर्ट में सुनवाई के दौरान चंदर से जब इस खर्च को लेकर सवाल किए गए तो उन्होंने कथित तौर पर कहा कि डेटिंग शुरू होने के बाद उनके बीच रिश्ते में प्यार से ज्यादा लेन-देन वाली बातें होने लगी थीं. उनका कहना था कि जब वो ली से पैसे खर्च करने की बात कहते थे और वो हामी भरती थीं, तो इन खर्चों को उधार दिया गया पैसा माना जा सकता है.

लेकिन अदालत के सामने सबसे बड़ी दिक्कत ये थी कि ऐसा कोई ठोस समझौता या सबूत नहीं था, जिससे ये साबित हो सके कि दोनों के बीच इन पैसों को वापस करने की बात हुई थी.

कोर्ट ने कहा- ये गिफ्ट थे, लोन नहीं
सिंगापुर हाई कोर्ट ने आखिरकार चंदर के दावे को खारिज कर दिया. 9 सितंबर के फैसले में कोर्ट ने माना कि ज्यादातर रकम गिफ्ट के तौर पर दी गई थी, ना कि लोन के रूप में. कोर्ट को ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं मिला जिससे ये साबित हो सके कि ली को ये रकम वापस करनी थी. अदालत ने इस तर्क को भी नहीं माना कि किसी व्यक्ति के पैसे खर्च करने का ऑफर स्वीकार कर लेने भर से वो खर्च अपने आप लोन बन जाता है.

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जज ली सियू किन ने सबूतों के आधार पर कहा कि रिश्ते के दौरान चंदर ने ली को कई महंगे गिफ्ट दिए थे. कोर्ट ने ये भी माना कि रिश्ता खराब होने के बाद पैसे वापस लेने का मामला सामने आया.

₹3.5 करोड़ वापस नहीं मिले, उल्टा भरनी पड़ी कानूनी फीस
कोर्ट ने चंदर की ₹3.5 करोड़ वापस लेने की कोशिश को खारिज कर दिया. यानी जिस ₹3.5 करोड़ को वो वापस पाना चाहते थे, वो उन्हें नहीं मिला. इतना ही नहीं, अदालत ने उन्हें फेलिशिया ली के कानूनी खर्चे भी चुकाने का आदेश दिया. इस तरह फ्लाइट में शुरू हुई ये कहानी लग्जरी ट्रिप्स और महंगे गिफ्ट्स से होते हुए कोर्ट तक पहुंची और आखिर में अदालत ने उन खर्चों को लोन नहीं, बल्कि गिफ्ट माना.

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