Vitamin D Deficiency: 5 में से 4 भारतीयों में विटामिन डी की कमी, धूप लेने के बाद भी क्यों कम हो रहा है लेवल? डॉक्टर ने बताया

भारत में हर 5 में से 4 व्यक्ति विटामिन D की कमी से जूझ रहा है, पर्याप्त धूप और अच्छी डाइट के बावजूद प्रदूषण और सनस्क्रीन जैसे कारणों से यह समस्या बढ़ रही है. यह न केवल हड्डियों, बल्कि इम्युनिटी और मेंटल हेल्थ को भी प्रभावित करता है, सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह और ब्लड टेस्ट जरूरी है.

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रोजाना डाइट में प्रोटीन को शामिल करना चाहिए. (PHOTO:ITG) रोजाना डाइट में प्रोटीन को शामिल करना चाहिए. (PHOTO:ITG)

आजतक लाइफस्टाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 05 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:00 PM IST

Vitamin D Deficiency In India: भारत में प्रोटीन के चलते अक्सर ही लोग विटामिन्स की अनदेखी कर देते हैं, जबकि हमारे शरीर के लिए विटामिन बहुत जरूरी होते हैं. यही वजह है कि इंडिया में विटामिन D की कमी एक गंभीर लेकिन अक्सर नजरअंदाज की जाने वाली हेल्थ प्रॉब्ल्म बन चुकी है. चौंकाने वाली बात यह है कि यह कमी सिर्फ उन लोगों में ही नहीं, जो कम धूप में रहते हैं या खराब खानपान लेते हैं. बल्कि उन लोगों में भी पाई जा रही है जो बैलेंस डाइट लेते हैं और नियमित रूप से धूप में निकलते हैं.

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वसंत कुंज (दिल्ली) स्थित फोर्टिस हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वात्स्य ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट में इस बारे में चिंता जताते हुए बताया है कि भारत में हर 5 में से 4 लोग विटामिन D की कमी से जूझ रहा हैं. 

डॉ. वात्स्य के अनुसार, विटामिन D सिर्फ एक विटामिन नहीं बल्कि हार्मोन जैसा पोषक तत्व है, जो शरीर की कई प्रणालियों को एक साथ कंट्रोल करता है. जब इसकी कमी होती है, तो इसका असर एक साथ कई पार्ट्स और सिस्टम पर पड़ता है.

हड्डियों और मसल्स पर पहला असर

विटामिन डी आंतों में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है. इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मसल्स में ऐंठन, कमजोरी और थकान महसूस होने लगती है. लंबे समय तक कमी बनी रहने पर कम उम्र में भी ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ सकता है.

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इम्युनिटी क्यों हो जाती है कमजोर

डॉ. वात्स्य बताते हैं कि विटामिन D इम्यून सिस्टम को एक्टिव करने में खास रोल निभाता है. यह इम्यून सेल्स को एक्टिव करता है, जिससे बॉडी इंफेक्शन से लड़ पाता है. जिन लोगों में विटामिन D कम होता है, उन्हें बार-बार सर्दी-जुकाम, फ्लू, सांस से जुड़ी समस्याएं और लगातार थकान हो सकती है.

मूड, एनर्जी और मेटाबॉलिज्म पर असर

विटामिन D की कमी का असर सिर्फ शारीरिक नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ पर भी पड़ता है. पर्याप्त मात्रा में विटामिन D होने से मूड बेहतर रहता है, इंसुलिन सेंसिटिविटी बढ़ती है और क्रॉनिक थकान कम होती है. इसकी कमी से इंसान में चिड़चिड़ापन, लो एनर्जी और उदासी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं.

धूप और डाइट के बावजूद कमी क्यों?

एक्सपर्ट के मुताबिक, सनस्क्रीन का ज्यादा इस्तेमाल, घरों में रहना, प्रदूषण, गलत समय पर धूप लेना और आंतों में अवशोषण से जुड़ी समस्याएं इसकी बड़ी वजहें हैं. इसके अलावा, भारतीय डाइट में नेचुरल तौर पर विटामिन D के सोर्स सीमित हैं.

खुद से सप्लीमेंट लेना पड़ सकता है खतरनाक

डॉ. वात्स्य ने चेतावनी देते हुए कहा बिना टेस्ट करवाएं और डॉक्टर की सलाह के विटामिन डी सप्लीमेंट लेना खतरनाक हो सकता है. विटामिन डी की अगर आप अधिक मात्रा लेते हैं तो इससे कैल्शियम असंतुलन और किडनी से जुड़ी दिक्कतें हो सकती हैं. इसलिए पहले ब्लड टेस्ट कराएं और फिर डॉक्टर द्वारा बताई गई सही डोज ही लें. 

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Disclaimer: यह आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है. किसी भी स्वास्थ्य समस्या या डाइट में किसी भी बदलाव से पहले हमेशा अपने डॉक्टर, न्यूट्रिशनिस्ट या डायटीशियन से सलाह जरूर लें.

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