Monsoon Wooden Door Care Tips: बारिश का मौसम जितना सुकून देता है, उतना ही घर के लिए मुसीबत भी बन जाता है. दरअसल, बरसात के मौसम में लोगों को घरों में सिर्फ सीलन ही नहीं, बल्कि कई तरह की समस्याएं परेशान करती हैं. इन्हीं में से एक है घर में लगी लकड़ी की चीजों में होने वाली दिक्कतें. खासकर घर का लकड़ी का मेन डोर, जो हर दिन बारिश, नमी और बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर झेलता है. दरअसल, बरसात में लकड़ी के दरवाजों का ध्यान ज्यादा और बहुत अच्छे से रखना पड़ता है. अगर इनका ध्यान ना रखा जाए तो ये खराब हो सकते हैं.
अगर समय रहते इसकी देखभाल न की जाए तो दरवाजा फूल सकता है, बंद होने में दिक्कत आ सकती है, चमक फीकी पड़ सकती है और दीमक लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. अच्छी बात ये है कि कुछ आसान उपाय अपनाकर आप अपने महंगे लकड़ी के दरवाजे को सालों तक नया जैसा बनाए रख सकते हैं. चलिए जानते हैं वो आसान उपाय क्या हैं.
1. बारिश शुरू होने से पहले करवाएं पॉलिश या वार्निश: अगर आपके घर का मेन डोर लकड़ी का है तो बरसात के मौसम में उस पर वार्निश या अच्छी क्वालिटी की पॉलिश जरूर करवाएं. इससे लकड़ी पर एक प्रोटैक्टिव लेयर बन जाती है, जो नमी को अंदर जाने से रोकती है. इसके साथ ही दरवाजे की चमक भी बनी रहती है और उसका रंग फीका नहीं पड़ता है.
2. दरवाजे के किनारों को नजरअंदाज न करें: अक्सर लोग सिर्फ दरवाजे की सामने की सतह पर ध्यान देते हैं और उसके बाकी हिस्सों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन दरवाजों के ऊपर, नीचे और साइड के किनारे सबसे पहले नमी सोखते हैं. यही वजह है कि कई बार दरवाजा नीचे से फूलने लगता है. ऐसे में इनके किनारों पर पॉलीयूरेथेन सीलर या प्रोटेक्टिव कोटिंग लगवानी चाहिए. ऐसा करने से पानी अंदर नहीं जाता और लकड़ी लंबे समय तक सुरक्षित रहती है.
3. दरवाजा फूलने या अटकने लगे तो तुरंत करें ये काम: अगर बारिश के दौरान दरवाजा खोलने या बंद करने में जोर लगाना पड़ रहा है तो इसे नजरअंदाज न करें. नमी की वजह से लकड़ी फूल जाती है. ऐसी स्थिति में जहां दरवाजा अटक रहा हो, वहां हल्की सी सैंडिंग करवा सकते हैं यानी दरवाजे को रेगमाल से घिसवा सकते हैं. अगर दरवाजा थोड़ा ही फूला है तो हेयर ड्रायर से हल्की गर्म हवा देने से भी नमी कम हो सकती है. साथ ही हिंज के स्क्रू कस दें और उन पर थोड़ा तेल डाल दें ताकि आवाज न आए.
4. दीमक और लकड़ी में लगने वाले कीड़ों से रहें सावधान: बारिश के मौसम में दीमक और लकड़ी को नुकसान पहुंचाने वाले कीड़ों का खतरा काफी बढ़ जाता है. अगर दरवाजा ठोकने पर खोखला लगे, उसके आसपास छोटे पंख दिखाई दें या फ्रेम के पास मिट्टी जैसी पतली लाइनें नजर आएं तो तुरंत चेक करवाएं. समय रहते ट्रीटमेंट कराने से बड़ा नुकसान होने से बचा जा सकता है.
5. सिर्फ दरवाजा नहीं, घर की नमी भी रखें कंट्रोल: लकड़ी को बारिश में सुरक्षित रखने के लिए घर के अंदर की नमी भी कम रखना जरूरी है. अगर घर में बहुत ज्यादा सीलन रहती है तो अच्छा वेंटिलेशन रखें या जरूरत हो तो डीह्यूमिडिफायर या एसी के ड्राय मोड का इस्तेमाल करें. इसके अलावा दरवाजे को समय-समय पर सूखे माइक्रोफाइबर कपड़े से साफ करें और कुछ महीनों के गैप पर वुड पॉलिश, वैक्स या अलसी का तेल लगाएं. इससे लकड़ी की चमक और मजबूती बनी रहती है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क