अक्सर मॉल या मेट्रो स्टेशन पर चलते हुए हम देखते हैं कि एस्केलेटर के किनारों पर ब्रश लगे हुए हैं. ऐसे में उनके लंबे-लंबे ब्रश देखते ही हम जूते साफ करने लगते हैं. अक्सर हमारा मानना होता है कि ये ब्रश हमारे जूते साफ करने या उन्हें चमकाने के लिए लगाए गए हैं. लेकिन सच यह है कि यह सोच न केवल गलत है, बल्कि आपकी जान और पैर के लिए बहुत खतरनाक भी हो सकती है. इन ब्रशों का असली मकसद जूतों की सफाई नहीं बल्कि आपकी सुरक्षा है. अगर आप भी इन्हें जूते साफ करने वाली मशीन समझते हैं तो यह जानकारी आपके लिए बेहद जरूरी है.
ब्रश का असली काम क्या है?
एस्केलेटर के साइड में लगे इन ब्रशों को तकनीकी भाषा में स्कर्ट डिफ्लेक्टर्स (Skirt Deflectors) कहा जाता है. इनका मुख्य काम एस्केलेटर में पैरों, जूतों के फीतों, या ढीले कपड़ों को एस्केलेटर की सीढ़ियों और साइड पैनल के बीच की खाली जगह में फंसने से बचाना है क्योंकि यह गैप काफी खतरनाक हो सकते हैं.
यदि कोई शख्स गलती से एस्केलेटर के बहुत किनारे पर खड़ा होता है तो उसका जूता या कपड़े का हिस्सा घर्षण के कारण उस गैप में खिंच सकते हैं. ये ब्रश उस गैप के लिए एक 'बफर' का काम करते हैं.
जूते साफ करना क्यों पड़ सकता है भारी?
अक्सर लोग अनजाने में अपने पैर ब्रश की ओर कर देते हैं ताकि जूते साफ हो सकें. एलिवेटर सेफ्टी फाउंडेशन जैसी एक्सपर्ट ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, एस्केलेटर के किनारों के पास पैर ले जाना बहुत रिस्की है. जब आप ब्रश के संपर्क में आते हैं तो यह आपको संकेत देता है कि आप किनारे के बहुत करीब हैं.
यदि आप जान बूझकर वहां पैर रखते हैं तो आपका जूता, मोजा या फीता मशीन के अंदर जा सकता है जिससे गंभीर चोट लग सकती है. इन ब्रशों को किसी भी तरह से सफाई का टूल नहीं माना जाना चाहिए.
सुरक्षा के लिए क्या करें?
मॉल या एयरपोर्ट पर एस्केलेटर का इस्तेमाल करते समय कुछ बुनियादी सेफ्टी टिप्स का ध्यान रखना बहुत जरूरी है.
बीच में खड़े हों: हमेशा सीढ़ी के ठीक बीच में खड़े रहें और किनारों से दूरी बनाकर रखें.
जूतों के फीते चेक करें: एस्केलेटर पर चढ़ने से पहले सुनिश्चित करें कि आपके जूतों के फीते अच्छी तरह बंधे हों.
हैंडरेल पकड़ें: संतुलन बनाए रखने के लिए हमेशा हैंडरेल को पकड़ कर चलें.
बच्चों का रखें ध्यान: छोटे बच्चों को कभी भी एस्केलेटर के किनारों पर खड़ा न होने दें.
याद रखें, ये ब्रश आपकी सुरक्षा के लिए हैं न कि आपके जूतों की चमक बढ़ाने के लिए. अगली बार एस्केलेटर पर चढ़ते समय इन किनारों से दूर रहना ही समझदारी है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क