श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर बाल गोपाल को तरह-तरह के मिष्ठान और भोग अर्पित किए जाते हैं. अक्सर लोग त्यौहारों पर बाजार से मिठाइयां खरीद लाते हैं लेकिन मिलावट के इस दौर में कान्हा के भोग के लिए शुद्ध और घर की बनी मिठाइयां ही सबसे उत्तम मानी जाती हैं.
अगर आप इस जन्माष्टमी पर बिना मावा, बिना चाशनी के झंझट और बिना ज्यादा समय गंवाए कुछ बेहद स्वादिष्ट और शुद्ध बनाना चाहते हैं तो नारियल-मखाना बर्फी सबसे बेहतरीन विकल्प है. मखाना और नारियल दोनों ही फलाहारी और सेहत के लिए बेहद पौष्टिक होते हैं. मुंह में घुल जाने वाली यह बर्फी बनाने में जितनी आसान है, खाने में उतनी ही लाजवाब लगती है. आइए जानते हैं इसे बनाने की आसान विधि.
सामग्री
मखाना - 2 कप
कद्दूकस किया हुआ सूखा नारियल (नारियल बुरादा) - 1 कप
दूध - 2 कप (फुल क्रीम)
चीनी या देसी खांड - 3/4 कप
देसी घी - 2 बड़े चम्मच
हरी इलायची पाउडर - 1/2 छोटा चम्मच
काजू और बादाम - 8-10 (बारीक कटे हुए)
बनाने का तरीका
एक कड़ाही में 1 चम्मच देसी घी गरम करें. इसमें 2 कप मखाने डालें और धीमी आंच पर 4-5 मिनट तक क्रिस्पी होने तक भून लें. ठंडा होने पर इन्हें मिक्सी में डालकर दरदरा या बारीक पीस लें.
उसी कड़ाही में 1 चम्मच घी और डालें. इसमें 1 कप नारियल का बुरादा डालकर धीमी आंच पर केवल 1-2 मिनट तक भूनें ताकि उसमें से अच्छी खुशबू आने लगे (ध्यान रखें नारियल का रंग न बदले).
अब कड़ाही में 2 कप फुल क्रीम दूध डालें और मध्यम आंच पर उबाल आने दें. जब दूध थोड़ा गाढ़ा हो जाए, तब इसमें चीनी डालें और घुलने तक पकाएं.
दूध में चीनी घुलने के बाद पिसा हुआ मखाना और भुना हुआ नारियल डालें. धीमी आंच पर लगातार चलाते हुए पकाएं.
3-4 मिनट में ही मिश्रण दूध को सोख लेगा और कड़ाही का किनारा छोड़ने लगेगा. अब इसमें इलायची पाउडर और थोड़े से कटे हुए मेवे डालकर मिलाएं.
एक थाली या ट्रे को थोड़े से घी से ग्रीस कर लें. तैयार मिश्रण को थाली में निकालें और चम्मच से फैलाकर एक समान सेट कर दें. ऊपर से कटे हुए काजू-बादाम डालकर हल्के से दबा दें.
मिश्रण को 20-30 मिनट के लिए ठंडा होने दें. जब यह जम जाए, तो चाकू की मदद से मनचाहे आकार (चौकोर या डायमंड) में काट लें.
तैयार है आपकी अत्यंत स्वादिष्ट, शुद्ध और सॉफ्ट नारियल-मखाना बर्फी! इसमें तुलसी का पत्ता रखकर कान्हा जी को भोग लगाएं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क