How To Grow Red-Yellow And Green Capsicum At Home: जब भी पिज्जा, पास्ता या फिर नूडल्स बनाने की बात आती है, तो लोगों को शिमला मिर्च की जरूरत पड़ जाती है. ऐसे में जब भी लोग शिमला मिर्च खरीदने बाजार जाते हैं तो हरी वाली तो आसानी से मिल जाती है. लेकिन जब लाल और पीली कैप्सिकम खरीदने की बात आती है, तो उसके महंगे-महंगे दाम देखकर कई बार लोग हैरान रह जाते हैं और बिना खरीदे ही घर लौट आते हैं. क्या आपके साथ भी ऐसा ही होता है? अगर हां और आपको भी लाल-पीली कैप्सिकम की कीमतें परेशान करती हैं, तो ये खबर आपके लिए है.
आज हम आपको घर की बालकनी, छत या छोटी-सी जगह में पीली और लाल कैप्सिकम उगाने का तरीका बताने वाले हैं. ये तरीका आपके इस खर्च को कम कर सकता है. आप चाहें तो एक गमले में ही शिमला मिर्च का पौधा तैयार कर सकते हैं और कुछ ही महीनों में घर की ताजी कैप्सिकम का स्वाद ले सकते हैं. खास बात ये है कि शुरुआत के लिए आपको बहुत बड़े बगीचे की जरूरत भी नहीं होगी.
लाल-पीली शिमला मिर्च के लिए नहीं चाहिए बड़ा बगीचा
अगर आप सोच रहे हैं कि आपको लाल-पीली कैप्सिकम उगाने के लिए बड़ा बगीचा चाहिए, तो आप गलत हैं. इन्हें घर के गमले या छोटे किचन गार्डन में आसानी से उगाया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले अच्छी क्वालिटी के बीज लेने होंगे. शुरुआत में छोटे गमले या सीडलिंग ट्रे का इस्तेमाल किया जा सकता है. बीजों को करीब 1 से 2 सेंटीमीटर गहराई में मिट्टी में डालें और ऊपर से हल्का पानी दें. सही देखभाल मिलने पर करीब 7 से 10 दिन में बीजों से छोटे अंकुर निकलने शुरू हो जाते हैं.
मिट्टी ऐसी हो कि पानी जमा न हो
शिमला मिर्च के पौधे के लिए मिट्टी का सही होना बहुत जरूरी है. ऐसी मिट्टी लें जो हल्की और भुरभुरी हो और जिसमें पानी आसानी से निकल सके. इसमें ऑर्गेनिक खाद या वर्मी कंपोस्ट मिलाने से मिट्टी को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं, जो लाल-पीली कैप्सिकम के लिए जरूरी होते हैं. सबसे जरूरी बात ये है कि गमले में पानी जमा न रहने दें, वरना पौधे की जड़ें सड़ने लगती हैं.
रोज 6-8 घंटे की धूप है जरूरी
कैप्सिकम के पौधे को अच्छी ग्रोथ के लिए सही रोशनी चाहिए. गमले को ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोजाना करीब 6 से 8 घंटे धूप मिल सके. हल्का गर्म वातावरण भी इसके लिए अनुकूल माना जाता है. इसलिए बालकनी, छत या ऐसी जगह जहां अच्छी धूप आती हो, वहां इसे रखा जा सकता है.
ज्यादा पानी देना पड़ सकता है भारी
पौधे में पानी डालते समय ध्यान रखें कि गमले की मिट्टी हमेशा गीली न रहे. जब ऊपर की मिट्टी सूखी लगे, तभी पानी दें. ज्यादा पानी देने से जड़ों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए रोज पानी देने के बजाय मिट्टी की नमी देखकर ही उसमें पानी डालें.
2-3 महीने में आने लगेंगी शिमला मिर्च
अगर पौधे को सही मिट्टी, धूप और पानी मिलता रहे तो करीब 2 से 3 महीने में इसमें फल आने शुरू हो सकते हैं. शुरुआत में शिमला मिर्च हरे रंग की दिखाई देती है. इसके बाद जब फल पौधे पर पकता है तो इसका रंग पीला या लाल हो सकता है. यानी एक ही पौधे से आपको अलग-अलग रंगों की कैप्सिकम देखने को मिल सकती हैं.
घर की कैप्सिकम से बचेगा बाजार का खर्च
शिमला मिर्च का इस्तेमाल सब्जी से लेकर नूडल्स, पिज्जा, सैंडविच और सलाद तक में होता है. ऐसे में अगर आपके घर में इसका इस्तेमाल ज्यादा होता है तो गमले में पौधा लगाना एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है. थोड़ी-सी जगह, सही मिट्टी और नियमित देखभाल के साथ आप बाजार पर निर्भरता कम कर सकते हैं और जरूरत के मुताबिक ताजी शिमला मिर्च घर से ही तोड़ सकते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क