Bougainvillea Growing Tips: आजकल लोग अपने घरों की बालकनी और छत पर छोटा सा गार्डन जरूर बनाते हैं. उस गार्डन में वे लोग रंग-बिरंगे फूलों से लेकर सब्जियों और फलों के पौधे भी लगाते हैं. जिन लोगों को बागवानी का बहुत शौक होता है उनके घरों में आपको बोगनवेलिया का पौधा जरूर देखने को मिलता है. बोगनवेलिया के रंग-बिरंगे फूल घर, बालकनी और गार्डन की खूबसूरती बढ़ाने का काम करते हैं. यही वजह है कि लोग इसे अपने घर में लगाना पसंद करते हैं.
जब भी लोग अच्छी किस्म का बोगनवेलिया खरीदने नर्सरी जाते हैं तो इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है. कई जगह तो बोगनवेलिया का एक पौधा 300 से 500 रुपये तक मिल जाता है. ऐसे में सभी लोग ये खरीद नहीं पाते हैं. अगर बोगनवेलिया का पौधा खरीदना आपका बजट हिला देता है, तो क्यों न घर पर ही इसकी कई नई पौध तैयार कर ली जाए?
खास बात यह है कि इसके लिए मानसून का मौसम काफी अच्छा माना जाता है. बारिश के दिनों में हवा में नमी रहती है और पौधों की ग्रोथ भी तेजी से होती है. ऐसे में बोगनवेलिया की कटिंग से नया पौधा तैयार करना आसान हो जाता है. अगर आप भी बिना ज्यादा पैसे खर्च किए अपने घर को बोगनवेलिया के फूलों से सजाना चाहते हैं, तो ये तरीका आपके काम आ सकता है.
जुलाई से सितंबर तक का बोगनवेलिया तैयार करने का बेहतर समय
गार्डनिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जुलाई से सितंबर के बीच बोगनवेलिया की नई पौध तैयार की जा सकती है. इस दौरान मौसम में नमी होने के कारण कटिंग के जड़ पकड़ने की संभावना अच्छी रहती है. अगर सही देखभाल की जाए तो करीब 30 से 45 दिनों में कटिंग से नई पौध निकलना शुरू हो सकती हैं. वहीं, करीब 2 से 3 महीने में पौधा अच्छी तरह ग्रो होने लगता है.
ऐसे लगाएं बोगनवेलिया की कटिंग
बोगनवेलिया का पौधा मुफ्त में तैयार करने के लिए लिए सबसे पहले किसी हेल्दी बोगनवेलिया के पौधे से अच्छी डंठल यानी कटिंग लें. अब इसे मिट्टी वाले गमले या ग्रो बैग में लगा दें.
ध्यान रखें जिस मिट्टी में आप पौधा बो रहे हैं, वो बहुत ज्यादा भारी नहीं होनी चाहिए. इसके लिए आप करीब 40% दोमट मिट्टी, 30% अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद, 20% नदी की बालू और 10% कोकोपीट मिला सकते हैं. इससे मिट्टी में नमी भी बनी रहती है और जड़ों को फैलने के लिए बेहतर जगह मिलती है.
अगर कोकोपीट मौजूद नहीं है तो इसकी जगह सूखी पत्तियों से बनी खाद का इस्तेमाल किया जा सकता है.
कटिंग लगाने के बाद इन बातों का रखें ध्यान
कई लोग किसी भी पौधे की कटिंग लगाने के बाद उसमें पानी डालकर सीधे धूप में रख देते हैं. लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए. कटिंग लगाने के तुरंत बाद उसे तेज धूप में रखने की गलती न करें. शुरुआत में पौधे को ऐसी जगह रखें जहां रोशनी तो मिले, लेकिन सीधी और तेज धूप न पड़े.
पानी को लेकर भी सावधानी जरूरी है. रोज-रोज ज्यादा पानी डालने की जरूरत नहीं है. जब मिट्टी के ऊपर की लेयर सूखी नजर आए, तभी थोड़ा पानी दें. गमले में पानी जमा रहने से कटिंग सड़ सकती है और जड़ें खराब हो सकती हैं.
एक महीने बाद दिखने लगेगा असर
अगर कटिंग सही तरीके से लगाई गई है और उसे जरूरत के मुताबिक नमी और रोशनी मिल रही है, तो करीब एक महीने के आसपास नई पत्तियां और टहनियां दिखाई देने लग सकती हैं. ये इस बात का संकेत है कि कटिंग ने जड़ पकड़ना शुरू कर दिया है. इसके बाद पौधे को धीरे-धीरे ज्यादा रोशनी वाली जगह पर ले जा सकते हैं. जब पौधा मजबूत हो जाए तो इसे बड़े गमले या गार्डन में लगाया जा सकता है.
एक पौधे से तैयार करें कई पौधे
बोगनवेलिया की कटिंग/डंठल से पौधे तैयार करने का सबसे बड़ा फायदा यही है कि आपको हर बार बाजार से नया पौधा खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी. बोगनवेलिया के किसी भी हेल्दी पौधे से कई कटिंग लेकर उन्हें अलग-अलग गमलों में लगाया जा सकता है.
इस तरह थोड़ी मेहनत और सही देखभाल से मॉनसून में आप अपने घर पर ही बोगनवेलिया की नई पौध तैयार कर सकते हैं और गार्डन को अलग-अलग रंगों के फूलों से सजा सकते हैं.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क