Handkerchief Cleaning Tips: रोज लोग कपड़े तो बदलते हैं और उनको धोते भी हैं. रूमाल को धोना अक्सर ही लोग नजरअंदाज कर देते हैं, जबति रूमाल हमारी रोजाना की जिंदगी का हिस्सा है. कोई इसे पसीना पोंछने के लिए इस्तेमाल करता है, तो कोई छींक आने पर या हाथ साफ करने के लिए. ऑफिस जाने वाले लोग हों, स्कूल के बच्चे या सफर करने वाले लोग, बहुत से लोग सुबह घर से निकलते समय जेब या बैग में रूमाल जरूर रखते हैं.
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस रूमाल का इस्तेमाल आप दिनभर करते हैं, उसे कितने दिन में धोना चाहिए? अक्सर लोग रूमाल को तब तक इस्तेमाल करते रहते हैं, जब तक उस पर दाग दिखाई न देने लगें या उससे बदबू न आने लगे. कपड़ा देखने में साफ हो, इसका मतलब यह नहीं कि उस पर गंदगी और बैक्टीरिया मौजूद नहीं हैं. इसलिए रूमाल की सफाई को भी रोजमर्रा की साफ-सफाई का हिस्सा बनाना जरूरी है.
कितने दिन में धोना चाहिए रूमाल?
अगर आप कपड़े के रूमाल का रोज इस्तेमाल करते हैं, तो इसे हर दिन इस्तेमाल के बाद धोना सबसे अच्छा तरीका है. खासकर तब, जब आप इससे नाक साफ करते हैं, छींक या खांसी के दौरान इस्तेमाल करते हैं या पसीना पोंछते हैं. इस्तेमाल किया हुआ रूमाल अगले दिन बिना धोए दोबारा इस्तेमाल करने से बचें.
अगर रूमाल से सिर्फ हल्का पसीना पोंछा गया है, तब भी उसे नियमित रूप से धोना चाहिए. वहीं, नाक का स्राव, छींक, खांसी या ज्यादा गंदगी लगने पर रूमाल को दोबारा इस्तेमाल करने के बजाय बदल दें. इसलिए अपने आप एक एक्स्ट्रा रूमाल भी रखना चाहिए.
रिसर्च में क्या सामने आया?
रूमाल की सफाई को लेकर जर्नल ऑफ होम इकोनॉमिक्स ऑफ जापान में दिसंबर 2025 में एक स्टडी पब्लिश हुई थी. इसका नाम एलिमेंट्री स्कूल की छोटी क्लास के बच्चों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले रुमालों की माइक्रोबायोलॉजिकल टेस्टिंग है.
इस स्टडी में जापान के प्राइमरी स्कूल के बच्चों द्वारा इस्तेमाल किए गए कॉटन रूमालों का टेस्ट किया गया. रिसरचर्स ने 2022 में गर्मियों और पतझड़ के दौरान बच्चों को रूमाल इस्तेमाल करने के लिए दिए और एक दिन के इस्तेमाल के बाद उनमें बैक्टीरिया होने का टेस्ट किया.
टेस्ट में कई तरह के बैक्टीरिया और फंगस से जुड़े माइक्रोऑर्गैनिज्म पाए गए. रिसरचर्स ने इनफेक्शन से बचने के लिए बच्चों को हाथ धोने के बाद और स्कूल में खाना खाने से पहले साफ धुले हुए रूमाल से हाथ सुखाने की सलाह दी.
हालांकि, यह स्टडी बच्चों के रूमालों पर किया गया था. इससे यह फैसला नहीं निकालना चाहिए कि हर रूमाल से बीमारी फैलती है. लेकिन यह जरूर समझ आता है कि कपड़ा देखने में साफ होने के बावजूद उस पर बौक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं.
रूमाल धोने का सही तरीका क्या है?
रूमाल को साफ करने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाएं:
साबुन या डिटर्जेंट से धोएं: कपड़े के हिसाब से सही डिटर्जेंट का इस्तेमाल करें और कपड़े पर लगे दागों को अच्छी तरह साफ करें.
बहुत देर तक गीला न छोड़ें: इस्तेमाल किया हुआ रूमाल बैग या जेब में लंबे समय तक गीला पड़ा न रहने दें.
पूरी तरह सुखाएं: धोने के बाद रूमाल को साफ जगह पर सुखाएं. दोबारा इस्तेमाल करने से पहले यह तय करें कि वह पूरी तरह सूख चुका है.
दूसरों का रूमाल इस्तेमाल न करें: रूमाल पर्सनल यूज की चीज है, इसे परिवार के सदस्यों या दोस्तों के साथ शेयर करने से बचें.
साफ रूमाल अलग रखें: रोज बाहर जाने वालों को अपने पास एक अतिरिक्त साफ रूमाल रखना चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर गंदे रूमाल को बदला जा सके.
अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (CDC) के मुताबिक, कपड़ों को कीटाणुरहित रखने के लिए उन्हें अच्छे डिटर्जेंट से धोना और नमी बिल्कुल न छोड़ते हुए पूरी तरह सुखाना बेहद जरूरी है. यही सही और सुरक्षित सफाई का सबसे आसान तरीका है.
रूमाल इस्तेमाल करते समय इन गलतियों से बचें
कई लोग इस्तेमाल किया हुआ रूमाल मोड़कर दोबारा जेब में रख लेते हैं. अगर वह गीला है, तो ऐसा करने से बचें. इसी तरह, नाक साफ करने वाले रूमाल से हाथ या चेहरा बार-बार पोंछना भी अच्छी आदत नहीं है. अगर आपको सर्दी-जुकाम है, तो रूमाल को बार-बार बदलें और इस्तेमाल के बाद हाथ साफ करें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क