बीते कुछ वक्त में ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज लोगों के सिर चढ़ के इतना बोल रहा है कि मॉल से कस्टमर्स और घूमने फिरने वालों की भीड़ लगभग खत्म-सी हो गई थी. या फिर यूं कहे कि लोगों के बीच मॉल कल्चर एकदम डेड हो रहा था. ऑनलाइन शॉपिंग ने चीजें इतनी आसान बना दी कि हर छोटी-बड़ी चीज के लिए लोगों ने मॉल ही जाना छोड़ दिया. लेकिन जेन जी मॉल में अब दोबारा रौनक लाने का काम कर रही है. जेन जी को शॉपिंग मॉल्स कूल लगने लगे है. ऐसा ही कुछ कह रही है सामने आई नई रिपोर्ट.
USA TODAY की रिपोर्ट के मुताबिक, जेन जी के बीच मॉल जाने का क्रेज फिर बढ़ता दिख रहा है. इसकी वजह सिर्फ शॉपिंग नहीं, बल्कि मॉल को एक पूरे एक्सपीरियंस की तरह देखना है. जेन जी यहां फ्रेंड्स के साथ क्वालिटी टाइम स्पेंड करने, खाना खाने, कॉफी पीने और नए स्टोर या एक्सपीरियंस देखने पहुंच रहे हैं. रिपोर्ट में बताया गया है कि मॉल अब सिर्फ सामान खरीदने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि जेन जी के लिए सोशल कनेक्शन और घर से बाहर टाइम स्पेंड करने की जगह बन रहे हैं. जेन जी के लिए मॉल आकर शॉप करना उनकी सोशल लाइफ का अब एक अहम हिस्सा बन चुका है.
शॉपिंग मॉल फिर बना कूल
एक वक्त के लिए जो शॉपिंग मॉल लोगों के लिए आउटडेटेड हो गए थे. लेकिन जेन जी शॉपिंग मॉल को आउटडेटेड नहीं मान रहीं. यहां तक कि शॉपिंग मॉल में सिर्फ बड़े लोग शॉपिंग करने जाते हैं ऐसी अवधारणा बन गई थी. लेकिन जेन जी को हमेशा से अवधारणाओं को तोड़ना पसंद है. जो यंग जेन जी शॉपर्स में बाहर निकल कर बड़े-बड़े मॉल में जाने का इंटरस्ट दिख रहा है.
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क्या सोशल मीडिया ने जेन जी के किया इन्फ्लुएंस?
जेन जी के लिए सोशल मीडिया उसकी डिजिटल डायरी है. वो क्या खा रही है, कहां जा रही है, क्या पहन रही है हर छोटी बड़ी अपडेट सोशल मीडिया पर पोस्ट करती है. ऐसे में देखा-देखी एक दूसरे से इंफ्लुएंस होकर और अपनी लाइफ को बेहतर दिखाने के होड़ में भी जेन जी ने शॉपिंग मॉल जाकर शॉपिंग करना और घूमने को अपने रुटीन का हिस्सा बनाया है. जेन जी जिन चीजों को सबसे ज्यादा अहमियत देती है उनमें से एक है एक्सपीरियंस यानी अनुभव.
जेन जी कुछ न कुछ हमेशा नया अनुभव करते रहने चाहती है. और शायद यही करने का मौका ऑनलाइन शॉपिंग नहीं देती. फोन पर कपड़े देखना आसान है, लेकिन उन्हें सामने से देखना, ट्राय करना, उस पर फैमिली या फ्रैंड्स की राय लेना एक अलग अनुभव देता है. इसीलिए शॉपिंग मॉल जाकर घूमना फिरना एक नए एक्सपीरियंस की तरह है जिसमें जेन जी शॉपिंग भी कर ही है, घूम रही है, खा रही है और लोगों से सोशलाइज भी कर रही है. बोले तो ऑल एक्सपीरियंस एट वन प्लेस.
बदलते जेनरेशन के बदलते नीड के साथ मॉल ने भी अपने तौर-तरीके बदले हैं. पुराने मॉल जहां सिर्फ बड़ी-बड़ी दुकानों पर निर्भर थे, अब उनमें रेस्टोरेंट, कैफे, एंटरटेनमेंट, आर्ट और एक्टीविटीज भी जोड़ी जा रही हैं. USA TODAY की 2026 मॉल रैंकिंग भी बताती है कि सक्सेसफुल मॉल शॉपिंग के साथ डायनिंग यानी खाने-पीने और मनोरंजन को जोड़ रहे हैं.
पुराने मॉल्स खत्म नहीं हो रहे, लेकिन उनका रूप बदल रहा है. USA TODAY के मुताबिक अमेरिका में मॉल की संख्या काफी घट चुकी है, लेकिन कुछ मॉल्स नए एक्सपीरियंस की वजह से अभी भी बहुत पॉपुलर हैं. भले ही ये सर्वे अमेरिका के हिसाब से हो, लेकिन इंडिया में भी इसका असर देखने को मिलता है, जब हम अपने परिवार के साथ मॉल घूमने जाते हैं तो वहां ज्यादातर भीड़ नए लड़के-लड़कियों की दिखती है, जो वहां शॉपिंग करने कम और रील बनाने ज्यादा आ रहे हैं.
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