घट रही कमाई फिर भी खुलकर खर्च कर रहा छोटे शहरों का Gen Z!

ग्रामीण भारत में जहां कमाई पर दबाव और बढ़ती कीमतों के चलते लोग सोच-समझकर खर्च कर रहे हैं, वहीं गांवों की जेन जी की शॉपिंग की आदतें बदल रही हैं. WPP मीडिया और कैन्टर की रूरल बैरोमीटर 2026 रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रामीण जेन जी अब स्नैक्स, हेल्थ प्रोडक्ट्स और ग्रूमिंग से जुड़ी चीजें ज्यादा खरीद रही है. ऑनलाइन शॉपिंग, AI और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी उनके खरीदारी के फैसलों को प्रभावित कर रहे हैं.

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ग्रामीण क्षेत्रों में जेन जी के बीच क्यों बढ़ रहा ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज? ग्रामीण क्षेत्रों में जेन जी के बीच क्यों बढ़ रहा ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज?

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST

एक तरफ गावों में परिवार अपनी कमाई और खर्च के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं. कमाई बढ़ने की रफ्तार धीमी हुई है. लेकिन इस धीमी रफ्तार का जेन जी पर कुछ खास फर्क नहीं पड़ा है. जेन जी अपनी खरीदारी की आदत बदल रही हैं. इस बढ़ती तंगी के बीच भी जेन जी अपने पसंद की चीजें एड-टू-कार्ट करती जा रही हैं. अब जेन जी रोजमर्रा की जरूरतों के अलावा स्नैक्स, स्किन केयर और हेल्थ से जुड़े प्रोडक्ट भी खरीद रहे हैं.

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Gen Z और छोटे शहरों में खरीदारी के ट्रेंड को लेकर हाल ही में आई रूरल बैरोमीटर 2026 रिपोर्ट में ये बदलाव सामने आया है.

कमाई पर दबाव, खरीदारी का दायरा बढ़ा

रिपोर्ट के मुताबिक, जून 2026 में करीब 14% ग्रामीण लोगों ने बताया कि पिछले छह महीनों में उनके परिवार की मासिक कमाई बढ़ी है. साल 2025 में ये आंकड़ा 29% था. यानी इससे साफ होता है कि छोटे शहरों में लोगों की कमाई बढ़ने की रफ्तार कम हुई है और लोग पैसों को लेकर ज्यादा सावधान हो रहे हैं. और अपने हर छोटे बड़े खर्च पर जरूरत से ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. 

इसके बावजूद 18 से 29 साल के ग्रामीण युवा हर महीने औसतन 19.1 तरह की प्रोडक्ट कैटेगरी से खरीदारी कर रहे हैं. फरवरी 2025 में ये आकड़ा 17 था. यानी जेन जी की खरीदारी में नई चीजें शामिल हो रही हैं. 

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स्नैक्स और स्किन केयर पर बढ़ा खर्च

रिपोर्ट के अनुसार, ग्रामीण जेन जी के बीच पैकेट वाले स्नैक्स और जल्दी तैयार होने वाले खाने की खरीदारी में 27% बढ़ोतरी हुई है. वहीं, हेल्थ और खुद की देखभाल से जुड़े प्रोडक्ट की खरीदारी में 36% का इजाफा हुआ है. पर्सनल ग्रूमिंग से जुड़ी खरीदारी भी 9% बढ़ी है.

WPP मीडिया इंडिया के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ रूरल, सोशल एंड हेल्थ, मीडिया सॉल्यूशंस, अभिषेक सिंह के मुताबिक, युवाओं और महिलाओं के बीच रेडी-टू-ईट स्नैक्स, पैकेट वाले खाने, फेस वॉश और हैंड वॉश जैसे प्रोडक्ट की मांग बढ़ रही है. उन्होनें ये भी कहा कि जेन जी पर फाइनेंशियल प्रेशर का असर पड़ा रहा है. 

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सोशल मीडिया और AI का असर

गावों में युवाओं की खरीदारी पर सोशल मीडिया का भी असर दिख रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक, 40.9% जेन जी ऑनलाइन इंफ्लुएंसर्स को फॉलो करते हैं. वहीं, 60.4% युवा AI से जुड़े कम से कम एक फीचर का यूज करते हैं,

4 में से एक युवा चैट जीपीटी और जेमेनाई जैसे ऐप के साथ ऑनलाइन वीडियो और क्रिएटर्स की सलाह युवाओं को नए प्रोडक्ट खोजने में मदद कर रहे हैं. हालांकि, इसका मतलब ये नहीं है कि युवा बिना सोचे पैसे खर्च कर रहे हैं.

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कुल मिलाकर, गांवों में आर्थिक दबाव के बावजूद जेन जी की पसंद बदल रही है. अब खरीदारी में जरूरत के साथ अपनी पसंद और खुद की देखभाल भी अहम होती जा रही है.

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