काम के बीच जब हम ब्रेक लेने के लिए सोशल मीडिया पर जाते हैं और इंस्टाग्राम स्क्रॉल करना शुरू करते हैं, तो पता ही नहीं चलता कि हमने काम के बीच ब्रेक लिया है या ब्रेक से टाइम निकालकर काम कर रहे है. 5 मिनट के लिए इंस्टाग्राम खोलकर रील्स स्क्रॉल करना कब 1-2 घंटे में बदल जाता है, इसका अंदाजा भी नहीं होता. जेन जी के लिए ये अनुभव काफी आम है. इंस्टाग्राम अब सिर्फ दोस्तों की पोस्ट देखने या मैसेज करने का प्लेटफॉर्म नहीं रहा. इसका बड़ा हिस्सा लगातार स्क्रॉल करने, नया कंटेंट देखने और कुछ नया खोजने में निकल जाता है. और हम बस 'एक और रील देख लेते हैं' वाले लूप में फंसते चले जाते हैं.
जेन जी का स्क्रॉलिंग स्टाइल भी दूसरी पीढ़ियों से थोड़ा अलग नजर आता है. यहां किसी एक पोस्ट पर ज्यादा देर रुकने के बजाय तेजी से कंटेंट बदलना, पसंद आने वाली रील पर रुकना और फिर अगले वीडियो पर चले जाना बहुत आम है. यानी मकसद सिर्फ इंस्टाग्राम खोलना नहीं, बल्कि ये देखना भी है कि अगला कंटेंट क्या मिलने वाला है. जेन जी कम से कम वक्त में ज्यादा से ज्यादा कंटेंट कन्ज्यूम करना चाहती है.
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इसका एक बड़ा कारण रील्स का फॉर्मेट है. छोटे वीडियो जल्दी समझ में आ जाते हैं और एक के बाद एक नया कंटेंट सामने आता रहता है और रील देखने में मन लगा रहता है, किसी तरीके की बोरियत नहीं होती. अगर कोई वीडियो पसंद नहीं आया तो उसे तुरंत स्क्रॉल किया जा सकता है. पसंद आया तो कुछ सेकंड और रुककर देख लेते हैं. इसी तरह बिना किसी तय मकसद के भी स्क्रॉलिंग चलती रहती है.
जेन जी के लिए इंस्टाग्राम अब मनोरंजन के साथ-साथ ट्रेंड्स, मीम्स, फैशन, म्यूजिक और यहां तक कि न्यूज देखने की जगह भी बन गया है. इसलिए ऐप खोलने का मतलब हमेशा किसी खास व्यक्ति की प्रोफाइल देखना नहीं होता. कई बार बस ये देखने के लिए ऐप खुलता है कि आज इंटरनेट पर नया क्या चल रहा है. हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए झट से इंस्टा खुल जाता है.
यही वजह है कि जेन जी की स्क्रॉलिंग सिर्फ टाइमपास नहीं लगती. ये उनके रोजमर्रा के डिजिटल रूटीन का हिस्सा बन चुकी है. एक रील खत्म होती है और तुरंत अगली शुरू हो जाती है. कई बार यूजर को खुद भी पता नहीं चलता कि वो कब एक वीडियो से दूसरे और दूसरे से तीसरे वीडियो तक पहुंच गया.
यानी इंस्टाग्राम की असली ताकत सिर्फ आपको ऐप खोलने में नहीं, बल्कि 'बस एक और रील' देखने के लिए रोकने में है. वैसे कई लोगों के लिए स्ट्रेस बस्टर की तरह भी काम कर रही होती है, लेकिन इसके अपने कुछ नुकसान भी हैं.
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