कचौड़ी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है लेकिन अक्सर लोग उड़द या पीली मूंग दाल की कचौड़ी ही बनाते हैं. इस बार साधारण कचौड़ी से कुछ अलग और ज्यादा पौष्टिक ट्राई करने के लिए 1 कप साबुत हरी मूंग से मसालेदार और खस्ता कचौड़ी बनाएं. साबुत हरी मूंग न केवल फाइबर और प्रोटीन से भरपूर होती है बल्कि इसका सोंधापन कचौड़ी के स्वाद को कई गुना बढ़ा देता है. इसे गरमा-गरम आलू की रसेदार सब्जी के साथ परोसेंगे, तो हर कोई तारीफ करते नहीं थकेगा.
सामग्री:
कचौड़ी के आटे के लिए: गेहूं का आटा - 2 कप, सूजी - 2 बड़े चम्मच (खस्तापन के लिए), अजवाइन - 1/2 छोटा चम्मच, मोयन के लिए तेल - 3 से 4 बड़े चम्मच, नमक - स्वादानुसार.
स्टफिंग (भराव) के लिए: साबुत हरी मूंग - 1 कप (4-5 घंटे भीगी हुई), बेसन - 2 बड़े चम्मच, सौंफ - 1 बड़ा चम्मच (दरदरी पिसी), साबुत धनिया - 1 बड़ा चम्मच (कुटा हुआ), जीरा - 1/2 छोटा चम्मच, हींग - 1/4 छोटा चम्मच, हरी मिर्च - 2 (बारीक कटी), अदरक - 1 इंच (कद्दूकस), अमचूर पाउडर - 1 छोटा चम्मच, कश्मीरी लाल मिर्च - 1 छोटा चम्मच, गरम मसाला - 1/2 छोटा चम्मच, नमक व काला नमक - स्वादानुसार, तेल - 2 बड़े चम्मच.
बनाने का तरीका:
भीगी हुई साबुत हरी मूंग का सारा पानी निकाल दें. अब इसे मिक्सी में बिना पानी डाले हल्का दरदरा पीस लें, बारीक पेस्ट न बनाएं.
एक परात में गेहूं का आटा, सूजी, अजवाइन, नमक और तेल का मोयन डालें. हाथों से अच्छे से मिलाकर पानी की मदद से थोड़ा सख्त आटा गूंथ लें और 15 मिनट ढककर रख दें.
पैन में 2 चम्मच तेल गरम करें. हींग, जीरा, कुटा धनिया, सौंफ, हरी मिर्च और अदरक डालकर भूनें. अब 2 चम्मच बेसन डालकर 2 मिनट धीमी आंच पर भून लें.
अब दरदरी पिसी हरी मूंग, लाल मिर्च, अमचूर, गरम मसाला और नमक मिलाएं. 4-5 मिनट धीमी आंच पर तब तक भूनें जब तक मूंग का मॉइश्चर खत्म न हो जाए और मिश्रण सूखा व मसालेदार न बन जाए. ठंडा होने दें.
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं. कटोरी की तरह फैलाकर बीच में 1-2 चम्मच मूंग की स्टफिंग रखें और किनारों को बंद कर दें. हथेली से हल्का दबाकर फैलाएं.
कचौड़ियों को हल्के गरम तेल में धीमी आंच पर डालें. जब वे फूलकर ऊपर तैरने लगें, तब आंच मध्यम करें और दोनों तरफ से सुनहरा व खस्ता होने तक तलें. चटपटी आलू की रसेदार सब्जी के साथ गरमा-गरम परोसें.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क