How To Remove Musty Smell From Wooden Drawers: पुरानी लकड़ी की अलमारी या ड्रेसिंग टेबल की दराज खोलते ही अक्सर सीलन और बासीपन की अजीब सी महक आती है. दराज से आने वाली ये बदबू कपड़ों में भी बस जाती है और कई बार कपड़े धोने के बाद भी पूरी तरह नहीं जाती है. खासकर बारिश या ज्यादा नमी वाले मौसम में ये समस्या और बढ़ जाती है. इससे छुटकारा पाने के लिए लोग कई तरह के रूम फ्रेशनर्स से लेकर अलग-अलग खुशबूदार चीजों का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन ये बदबू फिर भी बनी रहती है.
अगर आप भी इस समस्या से जूझ रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है. सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर पुरानी दराजों से ऐसी बदबू आती क्यों है और इसे हटाने का सही तरीका क्या है? फर्नीचर एक्सपर्ट के मुताबिक, इसकी बड़ी वजह लकड़ी के अंदर या आसपास जमा नमी और उससे पैदा होने वाली फफूंदी हो सकती है. ऐसे में सिर्फ परफ्यूम या किसी खुशबूदार प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने से समस्या खत्म नहीं होगी. आपको सबसे पहले नमी की वजह दूर करनी होगी.
क्या है बदबू की असली वजह?
पुरानी अलमारी या दराज में आने वाली सीलन की महक को नजरअंदाज न करें. फर्नीचर एक्सपर्ट के मुताबिक, ऐसी महक अक्सर नमी की वजह से पैदा होने वाली फफूंदी से आती है. अगर कमरे में पहले से ज्यादा नमी है तो दराज को साफ करने के बाद भी बदबू दोबारा लौट सकती है. इसलिए सबसे पहले उस जगह की नमी कम करना जरूरी है. जरूरत हो तो कमरे में डीह्यूमिडिफायर चलाएं. इसके बाद फर्नीचर को कुछ समय के लिए सूखी धूप और अच्छी हवा वाली जगह पर रखें.
दराज को पानी से ना करें साफ
बदबू हटाने के लिए सबसे पहला कदम ये है कि दराज के अंदर जमी धूल और गंदगी को अच्छी तरह निकालें. एक्सपर्ट के मुताबिक, पहले वैक्यूम क्लीनर से दराज के कोनों, किनारों और अंदर की जगह को साफ करें. इसके बाद सूखे कपड़े से पूरी दराज को अच्छी तरह पोंछें. फर्नीचर को कुछ समय धूप और अच्छी वेंटिलेशन वाली जगह पर रखने से भी सीलन की महक कम होने में मदद मिल सकती है.
ध्यान रखें कि पुराने फर्नीचर की दराज का अंदरूनी हिस्सा अक्सर कच्ची लकड़ी का होता है. ये नमी को जल्दी सोख सकता है. इसलिए सफाई के नाम पर इसमें पानी डालना या ज्यादा गीला कपड़ा इस्तेमाल करना सही नहीं है.
दराज में रखें बेकिंग सोडा या एक्टिवेटेड कार्बन
अगर सफाई और धूप के बाद भी हल्की बदबू बनी हुई है, तो दराज के अंदर बेकिंग सोडा या एक्टिवेटेड कार्बन रखा जा सकता है. ये चीजें आसपास की नमी और बदबू को सोखने में मदद करती हैं.
ऐसे में इसे किसी छोटी कटोरी या खुले कंटेनर में रखकर कुछ समय के लिए दराज के अंदर छोड़ दें. खासकर ऐसी दराजों में जो ऐसी जगह में हों, जहां वेंटिलेशन सही नहीं होता है. ये तरीका बहुत ही कारगर साबित हो सकता है.
भूलकर भी पानी और सिरका लेकर न बैठ जाएं
पुरानी लकड़ी की बदबू दूर करने के लिए इंटरनेट पर पानी और सिरके से पोंछने की सलाह अक्सर मिल जाती है. लेकिन एक्सपर्ट इसके इस्तेमाल को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देती हैं.
पुराने फर्नीचर पर सिरका, साबुन या पानी से पोंछाई करने पर उसकी फिनिश खराब हो सकती है. खासकर एंटीक या पुराने फर्नीचर में लगी शेलैक जैसी फिनिश को नुकसान पहुंच सकता है. अगर फर्नीचर में सचमुच फफूंदी दिखाई दे रही है, तो लकड़ी के लिए बने बाजार में मिलने वाले एंटीमाइक्रोबियल क्लीनर का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि, ऐसे मामलों में पुरानी फिनिश को दोबारा करना पड़ सकता है, जिससे फर्नीचर का पुराना लुक बदल सकता है.
बदबू फिर लौटे तो लकड़ी को सील करना आ सकता है काम
अगर कई कोशिशों के बाद भी लकड़ी से बदबू नहीं जा रही है, तो उसे सील करने का ऑप्शन अपनाया जा सकता है. एक्सपर्ट के मुताबिक, लकड़ी पर एक या दो कोट वार्निश लगाने से नमी के अंदर जाने के चांस कम हो सकते हैं. ये तरीका खासकर पुराने या एंटीक फर्नीचर पर सोच-समझकर अपनाना चाहिए, क्योंकि इससे उसकी मूल फिनिश और लुक पर असर हो सकता है.
नमी को कंट्रोल करना है जरूरी
पुरानी दराज की बदबू को हमेशा के लिए दूर रखने का सबसे जरूरी तरीका यही है कि फर्नीचर को ऐसी जगह पर न रखें जहां नमी हो. अगर कमरे में नमी बनी रहेगी तो सफाई के बाद भी फफूंदी दोबारा पनप सकती है.
इसलिए अलमारी और दराजों को समय-समय पर खोलकर हवा लगाएं. कमरे में ज्यादा नमी रहती है तो उसे कम करने की कोशिश करें. और अगर किसी बंद दराज में नमी कंट्रोल करना मुश्किल है, तो उसमें बेकिंग सोडा या एक्टिवेटेड कार्बन रखा जा सकता है.
आजतक लाइफस्टाइल डेस्क