फैशन की दुनिया में जेन जी और जेन अल्फा सिर्फ नए कपड़े खरीदने वाली जेनरेशन नहीं हैं. वे यह भी बदल रही हैं कि लोग फैशन के बारे में कैसे जानें, क्या खरीदें और किस ब्रांड को चुनें. सोशल मीडिया, नए ट्रेंड, क्रिएटर्स और AI ने उनकी शॉपिंग जर्नी को पहले से काफी अलग बना दिया है.
बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (बीसीजी) और वीमेंस वियर डेली (डब्ल्यूडब्ल्यूडी) की रिपोर्ट 'हाउ जेन जी एंड जेन अल्फा आर रीवायरिंग द फैशन इंडस्ट्री' के मुताबिक, 28 साल और उससे कम उम्र के जेन ज़ी और जेन अल्फा उपभोक्ता अगले एक दशक में अमेरिकी फैशन पर होने वाले खर्च का 40% हिस्सा बन सकते है. रिपोर्ट को तैयार करने के लिए 9 हजार से ज्यादा कन्ज्यूमर्स के रिस्पॉन्स और 50 हजार सोशल मीडिया कन्वर्सेशन का विश्लेषण किया गया.
BCG और Women’s Wear Daily (WWD) की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि युवा उपभोक्ता AI, सोशल मीडिया के प्रभाव और ब्रांड लॉयल्टी की बदलती परिभाषा के जरिए फैशन की दुनिया को कैसे बदल रहे हैं.
जेन जी और जेन अल्फा के लिए ब्रांड से ज्यादा प्रोडक्ट मायने रखता है
बीसीजी के मुताबिक, जेन ज़ी और जेन अल्फा पुरानी पीढ़ियों की तरह सिर्फ ब्रांड के नाम से प्रभावित नहीं होतीं. ये युवा ज्यादा एक्सपेरिमेंटल हैं यानी नए प्रोडक्ट और नए ट्रेंड आजमाने के लिए तैयार रहती हैं.
इनकी शॉपिंग जर्नी भी ज्यादा ट्रेंड और प्रोडक्ट-ड्रिवन है. यानी कोई नया ट्रेंड या खास प्रोडक्ट उन्हें किसी ब्रांड तक पहुंचा सकता है. वहीं, ब्रांड की पुरानी पहचान यानी हेरिटेज अब अकेले उसकी वैल्यू तय करने वाला सबसे बड़ा फैक्टर नहीं है.
इंफ्लुएंसर्स का प्रभाव
आज की युवा पीढ़ी सोशल मीडिया से सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं लेती, बल्कि नए ब्रांड्स और प्रोडक्ट्स भी खोजती है. रिपोर्ट के मुताबिक, युवा उपभोक्ताओं के सोशल मीडिया के जरिए ब्रांड खोजने की संभावना पुरानी पीढ़ियों से 1.5 गुना ज्यादा है.
इसमें इंफ्लुएंर्सस औरड्ज्टल क्रिएयर्स की भूमिका भी बढ़ी है. युवा इन्हें सेलिब्रिटीज की तरह ही महत्व देते हैं. 1 लाख से कम फॉलोअर्स वाले Micro-इंफ्लुएंर्सस से 22% युवा ब्रांड्स के बारे में जानकारी लेते हैं, जबकि 27% सेलिब्रिटीज के जरिए ब्रांड खोजते हैं.
इतना ही नहीं, जेन जी और जेन अल्फा के लिए इंफ्लुएंसर कंटेंट खरीदारी के फैसले को भी प्रभावित करता है. वे पुरानी पीढ़ियों की तुलना में इंफ्लुएंसर कंटेंटको खरीदारी की वजह मानने की 2 गुना ज्यादा संभावना रखते हैं.
AI भी बन रहा है शॉपिंग का हिस्सा
फैशन शॉपिंग में AI की भूमिका भी बढ़ रही है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुल मिलाकर मिलेनियल्स और पुरानी जेनरेशन्स, जेन जी और जेन अल्फा की तुलना में AI का ज्यादा इस्तेमाल करती हैं. लेकिन जब बात खास तौर पर फैशन की शॉपिंग की आती है, तो तस्वीर बदल जाती है. 41% जेन जी और जेन अल्फा फैशन आइटम्स की शॉपिंग के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं, जबकि दूसरी पीढ़ियों में यह आंकड़ा 34% है. यानी फैशन की शॉपिंग के लिए AI का इस्तेमाल करने की संभावना जेन जी और जेन अल्फा में पुरानी पीढ़ियों की तुलना में ज्यादा है.
फैशन का नया फॉर्मूला
रिपोर्ट के मुताबिक, जेन जी और जेन अल्फा के लिए कल्चरल रेलिवेंस, ऑथेंटिसिटी और क्रिएटर एनर्जी काफी अहम हैं. यानी वे सिर्फ यह नहीं देखतीं कि ब्रांड कितना पुराना या बड़ा है, बल्कि यह भी देखती हैं कि वह आज की संस्कृति और उनकी पसंद से कितना जुड़ा है.
यानी फैशन की अगली कहानी सिर्फ ब्रांड्स की नहीं है. जेन जी और जेन अल्फा फैशन को खोजने, पसंद करने और खरीदने के तरीके को बदल रही हैं-और सोशल मीडिया और AI इस बदलाव को और तेज कर रहे हैं.
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