आजकल सोशल मीडिया पर एक नया ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है, जिसे डुप्लीकेट कल्चर या ड्यूप कल्चर कहा जाता है. इसमें लोग महंगे ब्रांड्स के ऐसे प्रोडक्ट्स खरीदते हैं, जो दिखने में ओरिजिनल जैसे होते हैं, लेकिन उनकी कीमत काफी कम होती है. जेन जी के बीच ये ट्रेंड खासा पसंद किया जा रहा है. चाहे महंगे परफ्यूम जैसी खुशबू हो, ब्रांडेड बैग जैसा लुक या महंगे मेकअप प्रोडक्ट्स का सस्ता ऑप्शन, जेन जी अब हर चीज के लिए ओरिजिनल पर पैसे खर्च करना जरूरी नहीं समझते.
क्या है ड्यूप कल्चर?
ड्यूप कल्चर में ऐसे प्रोडक्ट्स शामिल होते हैं, जो किसी महंगे और मशहूर प्रोडक्ट से मिलते-जुलते हैं. इन्हें हूबहू नकली सामान समझना सही नहीं होगा. कई ड्यूप प्रोडक्ट्स अलग ब्रांड्स के होते हैं, जो कम कीमत में वैसा ही लुक, स्टाइल या यूज का एक्सपीरियंस देने की कोशिश करते हैं. सोशल मीडिया पर ऐसे प्रोडक्ट्स के रिव्यू और तुलना वाले वीडियो भी खूब देखे जाते हैं.
महंगे ब्रांड पर पैसे क्यों खर्च करे जेन जी?
जेन जी के लिए किसी प्रोडक्ट का महंगा होना ही उसे खरीदने की वजह नहीं है. जेन जी अब कीमत के साथ ये भी देखते हैं कि उन्हें उस सामान से कितना फायदा मिलेगा. अगर कम कीमत में वैसा ही दिखने वाला बैग, कपड़ा या मेकअप मिल रहा है, तो सिर्फ ब्रांड के नाम के लिए ज्यादा पैसे खर्च करना उन्हें जरूरी नहीं लगता.
इसके पीछे बजट भी एक बड़ी वजह है. युवाओं को कपड़ों, मेकअप, स्किनकेयर और गैजेट्स जैसी कई चीजों का शौक होता है. लेकिन हर चीज पर ज्यादा पैसे खर्च करना आसान नहीं है. ऐसे में ड्यूप खरीदकर वे अपने फेवरेट ट्रेंड को कम बजट में ट्राय कर सकते हैं.
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सोशल मीडिया ने कैसे बढ़ाया ये ट्रेंड?
इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर ड्यूप प्रोडक्ट्स की तुलना करने वाले वीडियो ने इस ट्रेंड को पॉपुलर बनाया है. कई क्रिएटर्स महंगे और सस्ते प्रोडक्ट्स को साथ रखकर दिखाते हैं कि दोनों में कितना अंतर है. इससे लोगों को खरीदारी से पहले ऑप्शन्स के बारे में जानने का मौका मिलता है.
हालांकि, हर सस्ता प्रोडक्ट ओरिजिनल जितना अच्छा हो, ये जरूरी नहीं है. खासकर स्किनकेयर और मेकअप में मैटेरियल, क्वालिटी और सेफ्टी पर ध्यान देना जरूरी है.
जेन जी के लिए ड्यूप कल्चर सिर्फ पैसे बचाने का तरीका नहीं, बल्कि अपनी पसंद के ट्रेंड को कम खर्च में आजमाने का ऑप्शन भी है. उनके लिए अब ब्रांड का नाम ही नहीं, बल्कि कीमत, क्वालिटी और प्रोडक्ट से मिलने वाला फायदा भी मायने रखता है.
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