'एडवोकेट सुरक्षा कानून पर काम जारी', मंत्री अर्जुन मेघवाल बोले- 8 दिसंबर को वकीलों के बीमा पर होगी अहम बैठक

मंत्री मेघवाल ने याद दिलाया कि इससे पहले भी सरकार ने एडवोकेट्स एक्ट में बदलाव पर विचार किया था और कुछ निर्णय भी लिए थे, लेकिन ड्राफ्ट लीक होने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया.

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केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सम्मान समारोह में शामिल हुए. (File Photo- PTI) केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल चीफ जस्टिस सूर्यकांत के सम्मान समारोह में शामिल हुए. (File Photo- PTI)

अनीषा माथुर

  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2025,
  • अपडेटेड 10:43 PM IST

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने शनिवार को वकीलों के एक कार्यक्रम में कहा कि एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट पर कानून आयोग तेजी से काम कर रहा है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित मुख्य न्यायाधीश-डिजिग्नेट जस्टिस सूर्यकांत के सम्मान समारोह में उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार एडवोकेट्स एक्ट से जुड़े कई सुधारों पर भी आगे बढ़ रही है.

मेघवाल ने घोषणा की कि 8 दिसंबर को वकीलों के लिए बीमा संबंधी मुद्दों पर एक अहम बैठक होगी. साथ ही, केंद्र सरकार एडवोकेट्स एक्ट में संभावित संशोधनों पर विचार कर रही है.

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क्या है प्रस्तावित एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट?

यह एक प्रस्तावित राष्ट्रीय कानून है, जिसका उद्देश्य वकीलों को उनके पेशेवर कार्यों के दौरान हिंसा, डराने-धमकाने और उत्पीड़न से सुरक्षा देना है. बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने 2021 में इस कानून का एक ड्राफ्ट बिल भी तैयार किया था. इसमें प्रमुख प्रावधानों में वकीलों पर हिंसा को प्रतिबंधित करना, आरोपियों पर सख्त दंड का प्रावधान, खतरा महसूस होने पर वकीलों को पुलिस संरक्षण का अधिकार शामिल है.

मंत्री मेघवाल ने याद दिलाया कि इससे पहले भी सरकार ने एडवोकेट्स एक्ट में बदलाव पर विचार किया था और कुछ निर्णय भी लिए थे, लेकिन ड्राफ्ट लीक होने के बाद इसका विरोध शुरू हो गया. उन्होंने कहा, “मैंने कैबिनेट से एडवोकेट्स एक्ट में आगे संशोधन पर बात की है. हम बार प्रतिनिधियों के साथ बैठकर आगे की प्रक्रिया तय करेंगे.”

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उन्होंने बताया कि राजस्थान में 2023 में ऐसा ही एक कानून पारित किया गया था, जिसके कई प्रावधान जैसे वकीलों पर हिंसा रोकना और पुलिस संरक्षण का अधिकार राज्य स्तर पर लागू भी हैं.

जस्टिस सूर्यकांत की प्रेरणादायक यात्रा का ज़िक्र

अपने संबोधन में मेघवाल ने जस्टिस सूर्यकांत की जीवन यात्रा का विस्तार से वर्णन किया. उन्होंने कहा कि हरियाणा के छोटे से गांव पेटवार में पले-बढ़े, सरकारी स्कूल में पढ़ाई की, छठी कक्षा में पहली बार अंग्रेज़ी सीखी और परिवार की आपत्तियों के बावजूद कानून की पढ़ाई चुनी. उन्होंने बताया कि किस तरह एक वरिष्ठ वकील ने उनके करियर को आगे बढ़ाने में मदद की और उन्हें अपनी गाड़ी से चंडीगढ़ तक छोड़ा.

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