कर्नाटक में बाल श्रम की पहचान करने और उसे रोकने के लिए चलाए गए एक विशेष अभियान के दौरान 800 बच्चों को रेस्क्यू किया गया है. बेंगलुरु के DGP कंट्रोल रूम के अनुसार, 12 सितंबर तक चले इस अभियान में राज्य की 38 पुलिस इकाइयों के तहत 16,951 जगहों की जांच की गई.
बेंगलुरु शहर में सबसे ज़्यादा बच्चों को रेस्क्यू किया गया. यहां 5,897 जगहों की जांच के बाद 503 बच्चों को रेस्क्यू किया गया. इसके बाद विजयपुरा ज़िला रहा, जहां 1,156 जगहों से 72 बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जबकि बेंगलुरु ग्रामीण में 450 जगहों से नौ बच्चों को बचाया गया.
अन्य ज़िलों में भी काफ़ी संख्या में बच्चों को रेस्क्यू किया गया, जिनमें तुमकुरु (33), कोप्पल (27), कलबुर्गी शहर (22), चिक्कबल्लापुरा (16), बल्लारी (15) और चित्रदुर्ग (13) शामिल हैं.
अधिकारियों ने कई मामलों में नोटिस जारी किए, जबकि कोडगु में दो FIR दर्ज की गईं. विजयपुरा में 25 नोटिस जारी किए गए और तीन FIR दर्ज की गईं. रेस्क्यू किए गए कई बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) या उनके माता-पिता को सौंप दिया गया.
स्विगी इंस्टामार्ट का स्टोर हुआ सीज
इस बीच बेंगलुरु के लिंगराजपुरम इलाके में स्विगी इंस्टामार्ट और लियो मार्ट पर कुछ दिन पहले अचानक छापा मारा गया. स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों मार्ट में खाद्य सामान की जांच की. इस दौरान एक्सपायर्ड सामान मिला. फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई थी.
इसके बाद मामले को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने दोनों मार्ट को अस्थायी रूप से सीज कर दिया था.
नागार्जुन